यमुनानगर। आज जहां ज्यादातर इंसान अपने स्वार्थ की पूर्ति हेतु कार्यरत हैं उन्हें घर, समाज की कोई चिंता नहीं है। ऐसे में यमुनानगर में ग्रीनमैन के नाम से जाने जाने वाले प्रोफेसर एस.एल.सैनी पिछले 15 वर्षों से प्रदूषित हो रहे वातावरण को सुधारने के लिए पौधे लगाने का अभियान छेड़े हुए हैं और अब तक वे 52 हजार से ज्यादा पौधे लगवा चुके हैं। मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में प्राध्यापक के पद पर कार्यरत श्री एस.एल.सैनी ने करीब 15 वर्ष पूर्व छोटे-छोटे पौधे लगाकर पर्यावरण को बढ़ावा देने की शुरूआत की थी और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज वह हरियाणा इन्वायरमैंट सोसाइटी के बैनर तले यमुनानगर-जगाधरी को हरा-भरा करने में लगे हुए हैं। इस कार्य में उन्हें सफलता भी हासिल हुई है जिसके चलते वह 52 हजार पौधे लगवा चुके हैं और उनका यह क्रम आगे भी जारी है।
जब सैनी ने इस कार्य की शुरूआत की थी तो लोगों ने इसका मजाक उडाया था कि पौधों को कौन पनपने देगा उन्हें लोगों द्वारा मसल दिया जाएगा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पौधे लगाने की अपनी मुहिम को जारी रखा। इस दौरान उन्हें आर्थिक रूप से भी कमजोर होना पड़ा लेकिन पर्यावरण को बढ़ावा देने की उनकी चाह ने पैसे की कमी को रुकावट नहीं बनने दिया। यमुनानगर-जगाधरी का कोई ऐसा मार्ग, पार्क या कालोनी ऐसी नहीं है जहां श्री सैनी द्वारा पौधे न लगवाये गए हों।
पौधे लगवाकर ही वे अपनी जिम्मेवारी को समाप्त नहीं कर देते हैं बल्कि उनकी देखभाल की जिम्मेवारी भी वह खुद ही निभाते हैं। पेड़ पौधों की कटाई हो या पानी एवं खाद डालने का काम हो वह हर समय इसी काम में लगे रहते है। अब श्री सैनी ने एक मुहिम छेड़ी हुई है कि प्रत्येक नागरिक अपने जन्म दिवस, सालगिरह, सेवानिवृत्त पर पौधा जरूर लगाये और उनकी इस पहल के अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
श्री सैनी ने बताया कि लोगों द्वारा जब पेड़ पौधों को काटा जाता है तो उन्हें बहुत दुख होता है क्योंकि वे उन्हें अपने बच्चों की तरह पालते हैं। उन्होंने कहा कि पौधों को काटने वालो की शिकायत भी की जाती है लेकिन उस पर कोई अमल नहीं होता है। उन्होंने मांग की कि चंडीगढ़, दिल्ली एवं मुम्बई की तरह हरियाणा में भी ट्री-प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
अपने द्वारा लगाए गए पौधों को पानी देते श्री एसएल सैनी। सैनी संवाद

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