गुरुवार, जुलाई 08, 2010

ऑनर किलिंग का शिकार हुई आशा सैनी

विगत 15 जून की रात को नार्थ-वेस्ट दिल्ली के स्वरूप नगर में हुई वारदात

नई दिल्ली। मुज्जफरनगर में दो माह पूर्व फैमिली ऑनर बचाने के लिए हुआ ड्रामा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि नई दिल्ली में सैनी समाज की एक और युवती ऑनर कीलिंग का शिकार हो गई। ऑनर किलिंग की यह घटना विगत 15 जून को नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के स्वरूप नगर में हुई। लड़की के परिवार वालों पर आरोप है कि उन्होंने लड़की और उसके प्रेमी को करंट लगाकर मार डाला। पुलिस ने लड़की के पिता और ताऊ के अलावा लड़की की मां, ताई और रिश्ते का भाई के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के गोकलपुर में मदर डेयरी वाली गली में सूरज सैनी का परिवार रहता है। पुलिस के मुताबिक सूरज की बेटी आशा सैनी (18) के प्रेम संबंध घर के नजदीक रहने वाले योगेश (20) से हो गए थे।
आशा और योगेश शादी करना चाहते थे। योगेश की जाति के कारण आशा का परिवार इस शादी के लिए तैयार नहीं था। करीब 15 दिन पहले सूरज सैनी ने आशा को अपने बड़े भाई ओमप्रकाश के घर स्वरूपनगर भेज दिया था।
पुलिस के अनुसार आशा ने घटना वाले दिन योगेश को वहीं आने के लिए कहा था। उसने योगेश से यह भी कहा था कि साथ में अपने बहनोई को लेकर आए और रिश्ते की बात करे। योगेश एक वैन में अपने जीजा को लेकर आया। ओमप्रकाश के घर उनका झगड़ा आशा के परिवार वालों से हो गया। तब तक आधी रात हो चुकी थी। पड़ोसियों ने खूब हंगामे की आवाजें सुनीं। इसी बीच योगेश का बहनोई बाहर गली में निकल गया। दूसरी ओर योगेश आशा के पास जाने के लिए छत पर जाने लगा। अब आशा के परिवार वालों से रहा नहीं गया।
पुलिस का कहना है कि उन्होंने योगेश को पकड़कर बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। गली में भीड़ जमा हो गई। आशा के परिवार वालों ने गेट बंद कर लिया। योगेश की पिटाई देखकर ऊपर से आशा उसे बचाने नीचे आ गई। पुलिस के मुताबिक, ओमप्रकाश, उसके बेटे और सूरज ने मिलकर लाठी-डंडों से आशा और योगेश को बुरी तरह पीट डाला। दोनों लहूलुहान हो गए। दोनों की चीखें गूंज रही थीं, लेकिन किसी ने पुलिस कॉल नहीं की। इसके बाद उनकी मौत सुनिश्चित करने के लिए ओमप्रकाश और उसके परिवार ने दोनों को बिजली का करंट लगाया। इसके बाद सभी लोग घर के बाहर ताला लगाकर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार अगली सुबह किसी पड़ोसी ने पुलिस कॉल की। पुलिस पड़ोसी की छत से ओमप्रकाश के घर उतरी। फर्श पर योगेश और आशा की लाशें पड़ी थीं। पुलिस ने दोनों शव हॉस्पिटल भेजकर स्वरूप नगर थाने में हत्या का केस दर्ज किया। देर शाम खबर मिलने पर पुलिस ने ओमप्रकाश और सूरज को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस आशा की मां, ताई और ताऊ के बेटे को गिरफ्तार करना चाहती थी मगर वे तब तक अंडर ग्राऊंड हो चुके थे। मगर अगले ही दिन पुलिस ने उक्त तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक मृतक लड़की आशा सैनी की मां माया, रिश्तेदार संजीव और खुश्बू को गोकुलपुरी से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार आशा और योगेश को करंट लगाकर मारने का आइडिया खुद आशा के पिता सूरज सैनी का था। पूछताछ के दौरान सूरज ने बताया कि जब वे लोग मिलकर योगेश और आशा को थप्पड़, लात घूंसों और डंडों से मार रहे थे , तो दोनों चीख रहे थे , जिस वजह से काफी शोर हो रहा था और लोग घर के बाहर जमा हो गए। तभी उसके दिमाग में ख्याल आया कि दोनों को करंट लगा दिया जाए तो शोर भी नहीं होगा और दोनों की फौरन मौत हो जाएगी। यह आइडिया आते ही उसने सबसे कहा कि दोनों के हाथ पैर बांध दो।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में यह भी पता चला कि इस काम में आशा की मां माया, ताऊ ओम प्रकाश, ताई खुशबू और ताई के बेटे संजीव ने सूरज की मदद की थी। पहले ओम प्रकाश और संजीव ने मिलकर योगेश को पकड़ा और सूरज ने उसके हाथ पैर रस्सी से बांध दिए। फिर उन्हें करंट लगा दिया गया।

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