जुलाई 2009 में प्रकाशित हुआ था पहला अंक
रविन्द्र कुमार सैनी
रोहतक। सैनी समाज में हो रही गतिविधियों एवं घट रही घटनाओं को खबर के रूप में प्रकाशित कर सैनी समाज के बाशिंदों को अपने सामाजिक एवं राजनीतिक हितों के प्रति जागरूक करने की मुहिम के साथ शुरू हुआ कम्युनिटी न्यूजपेपर सैनी संवाद इस माह एक बरस का हो गया है।
इस एक बरस की अवधि के दौरान समाचार पत्र के सम्पादन मंडल ने जहां व्यक्ति विशेष को टारगेट न बनाते हुए इस पत्र को नकरात्मक रिपोर्टिंग से बचाए रखा, वहीं यह भी सुनिश्चित करने की सार्थक कोशिश की कि सैनी समाज में होने वाली हर सामाजिक, राजनीतिक, आपराधिक व व्यक्तिगत घटना एवं इनसे जुड़े हर पहलु को संजीदगी से कवर किया जाए।
बात चाहे अक्तूबर 2009 में हुए विधानसभा चुनाव की हो या हाल ही में सम्पन्न हुए नगर पालिका, नगर परिषद व पंचायत समिति के चुनावों की और या फिर सैनी समाज में व्याप्त सामाजिक व राजनैतिक समस्याओं की, सैनी संवाद ने हर मसले को सम्पूर्ण विवरण के साथ उठाया और इसके समाधान एवं सुधार को लेकर अपनी बेबाक राय भी व्यक्त की। साथ ही उन लोगों को आइना दिखाने का भी काम किया, जो स्वहित को सामाजित हितों से सर्वाेपरि मानकर समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा रहे थे। इस प्रक्रिया में इन लोगों के जेहन में जरूर सैनी संवाद एवं इसके सम्पादन मंडल के प्रति वैमन्सय की भावना उत्पन्न हुई होगी मगर चूंकि सैनी संवाद का ध्येय व्यक्ति विशेष की बजाय सम्पूर्ण सैनी समाज के उत्थाणार्थ कार्य करना है इसलिए सैनी संवाद के सम्पादन मंडल को उक्त स्वहित साधकों के प्रति न तो पहले कोई सहानुभूति थी और न ही भविष्य में रहेगी। सैनी संवाद के पिछले एक बरस के सफरनामे का विश्लेषण किया जाए तो यह कहने की जरूरत नहीं है कि सैनी संवाद ने अपने 12 अंकों में अनेक ऐसे मुद्दे हाइलाइट किये हैं, जो बरसों से सैनी समाज को जकड़े हुए हैं। हालांकि इस समयावधि में सैनी समाज पर केंद्रीत कई अन्य समाचार पत्र भी प्रकाशित हुए मगर इनमें से किसी ने भी ऐसे मसलों की पृष्ठभूमि में जाकर इसके लिए जिम्मेवार कारणों को उभारने की जहमत नहीं उठाई। सैनी संवाद ने अपने पहले ही अंक में शामलात की जमीन अधिग्रहण के मुआवजे स्वरूप सैनी समाज को आवंटित हुए उन करोड़ों रुपयों का दशकों पुराना मामला प्रमुखता से उठाया, जो आज भी बैंक में पड़े हैं। सैनी संवाद ने पाठकों को यह बताने में कोई हिचक महसूस नहीं की कि इस समस्या के पीछे सैनी समाज के खेवनहारों की दकियानुसी सोच के साथ-साथ आपसी गुटबाजी में उलझे उनके निजी हित भी जिम्मेवार है, जो इस विवाद को सुलझने की बजाए और उलझा रहे हैं।
इसी तरह अगस्त 2009 में जब हरियाणा विधानसभा चुनावों का बिगुल बजा तो सैनी संवाद ने इसकी नामांकन प्रक्रिया से पूर्व उभरी सैनी समाज की स्थिति और चुनाव उपरांत के परिदृश्य को सविवरण पाठकों तक पहुंचाया। साथ ही चुनाव परिणाम आने के बाद उन कारणों की तय में भी जाने का एक गंभीर प्रयास किया, जिसके कारण सैनी समाज महज एक ही सीट पर चुनाव जीत पाया। यही नहीं, सैनी संवाद ने वर्ष 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में भी सैनी समाज के प्रत्याशियों द्वारा किए गए प्रदर्शन को आंकड़ों के माध्यम से अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया ताकि वे स्वयं भी वर्ष 2005 व 2009 के चुनाव में सैनी समाज की दशा व दिशा का तुलनात्मक अध्ययन कर सकें। सैनी संवाद ने अपने चार अंकों में विधानसभा चुनाव में सैनी समाज से जुड़ी अधिकांश गतिविधियों से अपने पाठकों को अवगत करवाया। हिमाचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर में मची भगदड़ में अदम्य साहस का परिचय देने वाले 15 वर्षीय गौरव सैनी को जब बहादुरी के लिए राष्ट्रपति अवार्ड की घोषण हुई तो सैनी संवाद से इसे अपने सातवें अंक में लीड बनाते हुए न केवल गौरव की पृष्ठभूमि, बल्कि उसने यह कारनामा कैसे कर दिखाया, इस बारे एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की ताकि सैनी समाज के बच्चों को गौरव से प्रेरणा मिल सकें। इसके अलावा सैनी संवाद ने बरसों से उपेक्षा का शिकार हो रहे सैनी समाज के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी साधुराम सैनी व नरेंद्र सैनी की सुध ली और सैनी एजूकेशन सोसायटी द्वारा उन्हें दिए गए सम्मान को पहले पेज पर जगह दी। इसके अलावा सैनीयान ट्रस्ट द्वारा अपने ही ट्रस्टी रघुबीर सैनी से खाली करवाई गई दुकानों, दैनिक भास्कर समाचार पत्र के मालिक व स्थानीय संवाददाता को कोर्ट द्वारा जारी किए गए नोटिस तथा सरकारी सेवाओं में चयनित हुए सैनी समाज के युवाओं सम्बंधित समाचार भी सैनी संवाद में प्रमुखता से प्रकाशित किए गए ताकि समाज के लोगों को इस बात का भलीभांति ज्ञान हो सकें कि सरकारी व गैर-सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में सैनी समाज के युवा आगे बढ़कर सम्पूर्ण समाज का नाम रोशन कर रहे हैं। पिछले एक साल के दौरान सैनी समाज के लोगों को अनेक आपराधिक वारदातों से रूबरू होना पड़ा है। इन वारदातों के विभिन्न पहलुओं की कवरेज भी सैनी संवाद ने प्रमुखता से की है ताकि पाठकों को हर तरह की जानकारी मिल सकें।
विभिन्न तरह की खबरें उपलब्ध करवाकर सैनी संवाद ने सैनी समाज को अपडेट रखने के साथ-साथ उन्हें जागरूक करने का भी प्रयास किया है क्योंकि यह बात किसी से छिपी नहीं है कि जागरूकता बगैर किसी भी समाज का सम्पूर्ण विकास एवं उत्थान संभव नहीं है।
शुक्रवार, जुलाई 09, 2010
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विभिन्न तरह की खबरें उपलब्ध करवाकर सैनी संवाद ने सैनी समाज को अपडेट रखने के साथ-साथ उन्हें जागरूक करने का भी प्रयास किया है क्योंकि यह बात किसी से छिपी नहीं है कि जागरूकता बगैर किसी भी समाज का सम्पूर्ण विकास एवं उत्थान संभव नहीं है।
जवाब देंहटाएंबहुत बधाई और शुभकामनाएं !!
Thanks Sangeeta Ji
जवाब देंहटाएंEditor
well done saini ji aap ne samaj ko jo aayna diya he usse samaj ki pragati ko nayi disha milegi. manoj kushwah, indore, m.p. www.kushwahsamaj.blogspot.com
जवाब देंहटाएंThanks Manoj ji, es muhim mae aap jaise bhaiyo ka bhi sehyog chahiye.
जवाब देंहटाएंEditor