कुरुक्षेत्र (पे्रम सैनी)। आज के समय में 110 वर्ष की आयु शायद की किसी की होती हो लेकिन यह सच है कि कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर के पास स्थित चनारथल बस्ती गांव की रहने वाली तथा इस क्षेत्र की सबसे अधिक आयु की समझी जाने वाली लगभग 110 वर्षीय माढ़ो देवी उर्फ गोपाल देवी पत्नी स्व. दाता राम की गत माह मृत्यु हो गई। वह अपनी चार पीढिय़ां देखने के बाद मृत्युलोक को प्राप्त हुई। उनके दो बेटे भी इस समय लगभग 89 तथा 86 साल के हैं। बड़े बेटे क्षेत्र के एक बड़े किसान सोहन लाल का जन्म 15 सितम्बर 1921 को हुआ था तथा दूसरे बेटे रामस्वरूप, जो आरएमएस में नौकरी करते थे, का जन्म 15 अगस्त 1926 को हुआ था। माढ़ो देवी को कोई लड़की नहीं थी। स्व. माढ़ो देवी के पौत्र, वरिष्ठ अधिवक्ता तथा कुरुक्षेत्र जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पिताम्बर सिंह सैनी ने बताया कि उनकी दादी लगभग 100 बेटों, पोतों, पड़पोतों, उनके भी लड़कों तथा लड़कियों और पोतियों,पड़पोतियों तथा उनके बच्चों को देखकर मरी हैं। पिताम्बर सैनी, जो स्वयं लगभग 70 साल के हैं, ने बताया कि उनकी दादी को अब भी कोई बीमारी नहीं थी और उन्होंने प्रतिदिन की तरह मृत्यु वाले दिन भी दूध पिया था।
शुक्रवार, फ़रवरी 04, 2011
110 वर्षीय माढ़ो देवी का देहांत
कुरुक्षेत्र (पे्रम सैनी)। आज के समय में 110 वर्ष की आयु शायद की किसी की होती हो लेकिन यह सच है कि कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर के पास स्थित चनारथल बस्ती गांव की रहने वाली तथा इस क्षेत्र की सबसे अधिक आयु की समझी जाने वाली लगभग 110 वर्षीय माढ़ो देवी उर्फ गोपाल देवी पत्नी स्व. दाता राम की गत माह मृत्यु हो गई। वह अपनी चार पीढिय़ां देखने के बाद मृत्युलोक को प्राप्त हुई। उनके दो बेटे भी इस समय लगभग 89 तथा 86 साल के हैं। बड़े बेटे क्षेत्र के एक बड़े किसान सोहन लाल का जन्म 15 सितम्बर 1921 को हुआ था तथा दूसरे बेटे रामस्वरूप, जो आरएमएस में नौकरी करते थे, का जन्म 15 अगस्त 1926 को हुआ था। माढ़ो देवी को कोई लड़की नहीं थी। स्व. माढ़ो देवी के पौत्र, वरिष्ठ अधिवक्ता तथा कुरुक्षेत्र जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पिताम्बर सिंह सैनी ने बताया कि उनकी दादी लगभग 100 बेटों, पोतों, पड़पोतों, उनके भी लड़कों तथा लड़कियों और पोतियों,पड़पोतियों तथा उनके बच्चों को देखकर मरी हैं। पिताम्बर सैनी, जो स्वयं लगभग 70 साल के हैं, ने बताया कि उनकी दादी को अब भी कोई बीमारी नहीं थी और उन्होंने प्रतिदिन की तरह मृत्यु वाले दिन भी दूध पिया था।
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