शनिवार, जनवरी 01, 2011

कोर्ट ने दैनिक भास्कर के मालिक के घर चस्पा किया नोटिस

रोहतक (विनोद सैनी)। जिला कोर्ट ने सैनी एजूकेशन सोसायटी के प्रधान विजय सैनी की कथित मानहानि के मामले में दैनिक भास्कर के मालिक रमेशचंद्र अग्रवाल को भगौड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू करते हुए इस संबंध में उनके भोपाल स्थित निवास पर एक नोटिस चस्पा कर दिया है। साथ ही ऐसा ही एक नोटिस भोपाल के महाराणा प्रताप चौक पर भी चस्पा किया गया है। कोर्ट ेकी कार्रवाई सम्मन जारी होने के बाद अग्रवाल को अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट द्वारा उन्हें दिये गये भरपूर समय के बावजूद कोर्ट में पेश न होने के बाद अमल में लाई गई है। इसी मामले में दैनिक भास्कर का एक स्थानीय रिपोर्टर भी हर तारीख पर नियमित तौर पर कोर्ट में पेश हो रहा है। प्रधान विजय सैनी के एडवोकेट अशोक कादियान ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सैनी सोसायटी की मानहानिपूर्ण एवं झूठी खबर छापने के मामले में ज्यूडिशियल मैजिस्टे्रट की अदालत ने भास्कर गु्रप के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल, दैनिक भास्कर के तत्कालीन कार्यकारी सम्पादक दिनेश मिश्रा और एक स्थानीय संवाददाता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 500, 501 व 502 के तहत सम्मन जारी कर उन्हें अदालत में तलब होकर अपना पक्ष रखने के आदेश जारी किए थे। यह आदेश विजय सैनी द्वारा कोर्ट में दायर आपराधिक शिकायत में दी गई दलीलों एवं प्रस्तुत दस्तावेजों के अध्ययन तथा गवाहों के बयानों की सुनवाई के बाद जारी किए गए थे। अदालत ने इन आदेशों में स्पष्ट कहा था चूंकि शिकायतकत्र्ता द्वारा पेश किए गए सबूत याचिका की दलीलों का समर्थन करते हैं लिहाजा मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को तलबकरना जरूरी एवं न्यायसंगत है। बकौल वरिष्ठ एडवोकेट कादियान प्रधान विजय सैनी का कहना था कि दैनिक भास्कर के स्थानीय संवाददाता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों को आधार बनाकर 24 दिसम्बर 2007 को यह झूठी खबर प्रकाशित कर दी कि हाईकोर्ट ने आठ सप्ताह के भीतर अथवा 20 फरवरी 2008 तक सैनी एजूकेशन सोसायटी के चुनाव सम्पन्न करवाने के आदेश जारी किए हैं जबकि वास्तव में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सैनी सोसायटी को चुनाव करवाने सम्बंधी ऐसे कोई आदेश जारी किये ही नहीं थे। हालांकि समाचार प्रकाशित होने के बाद विजय सैनी ने स्थानीय संवाददाता से सम्पर्क साध उनसे ऐसे कोई भी आदेश जारी न होने की बात बता प्रकाशित गलत खबर का खंडन छापने के लिए भी कहा था मगर संवाददाता ने पत्रकारिता के सिद्धांतों को ताक पर रखते हुए एक और मनघडंत समाचार प्रकाशित कर प्रधान की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया। तदोपरांत विजय सैनी ने भास्कर समूह के मालिक, कार्यकारी सम्पादक तथा एक स्थानीय संवाददाता के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत कोर्ट में दायर की थी।

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