शनिवार, अक्टूबर 16, 2010

करंट लगने से मां की मौत, बेटा झुलसा

खेत में काम करते वक्त हुआ हादसा


महेश सैनी
हमारे संवाददाता

बिवाई। ठिकरिया गांव के भट्टपुरिया बास में गत माह की एक सुबह बिजली का तार टूटने से एक महिला की मौत हो गई जबकि उसका पुत्र बुरी तरह से झुलस गया। उसे उपचार के बाद जयपुर रैफर किया गया, जहां बड़ी मुश्किल से उसकी जान बचाई जा सकी। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 6 बजे शारदा सैनी (35) पत्नी किशनलाल सैनी मकान के पिछवाड़े स्थित अपने खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान 11 केवी बिजली का एक तार टूटकर उस पर आ गिरा। इससे शारदा का शरीर पूरी तरह झुलस गया। मां के चिल्लाने पर 9 वर्षीय पुत्र लोकेश उसे बचाने पहुंचा, तो करंट से उसके भी हाथ, पैर एवं सीना झुलस गया। मां-बेटे को गंभीरावस्था में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बांदीकुई लाया गया, जहां चिकित्सकों ने शारदा को मृत घोषित कर दिया और लोकेश को जयपुर रैफर कर दिया। महिला की मौत का समाचार सुनते ही चिकित्सालय परिसर में परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। परिजन बेसुध होकर गिर पड़े। अन्य लोग उन्हें ढांढ़स बंधाने लगे।
यहां बता दें करंट लगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी विद्युत तारों के कारण कई बार मकान में करंट आ चुका है। जिससे घरवालों को मकान से बाहर खुले में रात गुजारनी पड़ी है। पहले आये करंट से एक बार मृतक की बड़ी पुत्री कविता भी झुलस गई थी। इन तारों को हटवाने के लिए किशनलाल सैनी ने निगम को लिखित में शिकायत भी की थी, लेकिन बिजली विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
मृतका के पति ने बताया कि घटना के बाद लाइन टूटने की जानकारी देने के साथ आपूर्ति बंद करने की सूचना मोबाइल से बिजली कर्मियों को दी गई। इसके बाद भी करीब आधा घंटे तक सप्लाई बंद नहीं की गई। दोपहर तक बिजली निगम का कोई अधिकारी भी घटना स्थल नहीं पहुंचा। जिससे स्थानीय लोगों में विभाग के खिलाफ रोष व आक्रोश व्याप्त है।

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