विनोद सैनी
हमारे संवाददाता
शिमला। सैनी समाज के लिए यह सूचना निसंदेह हर्ष व आनंद की अनुभूति करवाने वाली है कि शिमला के नजदीक स्थित छराबड़ा कस्बे में बनाये जा रहे प्रियंका गांधी वढ़ेरा के बंगले का निर्माण कोई और नहीं, बल्कि सैनी समाज के बाशिंदे नीरज सैनी देख रहे हैं। नीरज न केवल इस बंगले के निर्माण हेतु लगाई जा रही सभी चीजों की गुणवत्ता एवं इसके सही प्लेसमैंट को सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि तमाम जरूरतों को पूरा करते हुए यह बंगला निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत बनकर तैयार हो जाये, इस पर भी पूरा ध्यान रख रहे हैं। नीरज सैनी के मुताबिक प्रियंका गांधी का यह बंगला साढ़े तीन बीघा में बन रहा है। चूंकि प्रियंका को सेब बहुत ज्यादा पसंद है इसलिए इस बंगले के साथ-साथ सेब का एक छोटा बगीचा भी बनाया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग किस्म के सेब के पौधे लगाये जायेंगे। इसके अलावा कई और स्थानीय फलों व फूलों के पौधे इस बगीचे के माहौल को खुशबुदार व तरोताजा बनाये रखेंगे। प्रियंका गांधी वढ़ेरा का यह बंगला राष्ट्रपति निवास रिट्रीट और वाइल्ड फ्लॉवर हॉल के बीच बनाया जा रहा है।
नीरज ने बताया कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा एवं यूपीए चेयरपरसन सोनिया गांधी अपनी बेटी प्रियंका के घर को देखने के लिए लगातार शिमला आती रहती हैं। सोनिया बंगले की रसोई में खास दिलचस्पी लेती है और यहां मन मुताबिक मॉडिफिकेशन के लिए कारीगरों को हिदायत भी देती रहती है। उन्होंने बताया कि इस बंगले का निर्माण इस साल पूरा होने की संभावना थी, लेकिन पिछले दिनों यहां हुई जोरदार बारिश से इसकी एक निर्माणाधीन छत उखड़ गई। लिहाजा छत बदलने के काम के चलते अब इसका निर्माण कार्य एक साल बाद ही पूरा हो पायेगा। नीरज सैनी ने बताया कि अब इस बंगले पर स्लेट की जगह स्टील की चादरें लगाई जाएंगी। कॉटेज की छत लकड़ी की है। इसके ऊपर अब स्टील चादरें लगाई जाएंगी। उन्होंनें बताया कि बारिश की वजह से मौजूदा स्लेट की छत से पानी टपक रहा था। हाल ही में नियुक्त किए गए दिल्ली के वास्तुकार कोहिलिका कोहली ने कॉटेज की छत से पानी रिसाव का जायजा भी लिया था। स्टील की छत ओलावृष्टि, वर्षा और बर्फबारी के दौरान सुरक्षित रहेगी। उन्होंने बताया कि इस साल अप्रैल में कोहिलिका कोहली वास्तुकार को बंगले के डिजाइन और निर्माण का काम सौंपा गया था। फिलहाल स्लेट की छत के डिजाइन में खामी पाई गई है जिसके कारण छत पर लगी स्लेट उखड़ गई है। पहले यह सोचा जा रहा था कि इस छत पर फिर से प्लेट लगाकर रिपेयर कर दिया जाये मगर प्रियंका से सलाह-मश्वरा करके अब इस छत को पूरी तरह उखाड़ कर इसका नये सिरे से निर्माण करने का निर्णय लिया गया है।


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