सोमवार, फ़रवरी 08, 2010
बहादुरी के लिए गौरव सैनी को भारत अवार्ड
गणतंत्र दिवस पर किया प्रधानमंत्री ने सम्मानित
चन्द्रप्रकाश सैनी
सम्पादक
नई दिल्ली। 3 अगस्त 2008 को नैना देवी हिमाचल प्रदेश में मची भगदड़ के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाले फतेहबाद के टोहाना कस्बे में रहने वाले 15 वर्षीय बहादुर किशोर गौरव सैनी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। गौरव सैनी ने इस भगदड़ के दौरान अपनी जान की परवाह न करते हुए 60 जिंदगियां बचाई थी। मगर औरों की जिंदगियां बचाने में कामयाब हुए इस किशोर की सगी बहन इस भगदड़ के दौरान काल का ग्रास बन गई थी लेकिन गौरव को इस बात का संतोष है कि जिन्हें उसने मौत के मुहं से निकाला, वे भी किसी के भाई-बहन है।
गौरव सैनी ने बताया कि घटना वाले दिन वह भी अन्य लोगों की भांति अपने परिजनों के साथ नैना देवी के प्रसिद्ध मंदिर में मत्था टेकने के लिए पहुंचा था। उस समय मंदिर में श्रद्धालुओं का हजूम लगा हुआ था। अचानक किसी ने यह अफवाह फैला दी कि भू-स्खलन हो गया है। इतना सुनते ही मंदिर में जबरदस्त भगदड़ मच गई और श्रद्धालू इधर-उधर भागने लगे। चूंकि पूरा मंदिर श्रद्धालुओं से भरा हुआ था इसलिए जान बचाने के चक्कर में काफी लोग, जिनमें बच्चे व महिलाएं ज्यादा थी, जमीन पर गिर गए थे जबकि बाकी लोग उनको रौंदते हुए भाग रहे थे। इसी बीच काफी लोग मंदिर के साथ लगती खाड़ी में भी लुढ़क गए थे और किसी न किसी चीज के सहारे चट्टान पर लटके हुए थे।
गौरव सैनी का कहना है कि इस दौरान उसने भागने की बजाए ठंडे दिमाग से काम लिया और मदद मांग रहे लोगों को बचाने का प्रण लेते हुए वह आगे बढ़ गया। लटके रहे लोगों को बचाने के लिए वह एक कुटीली तार से लटक गया और एक वायर के माध्यम से एक-एक करके करीब 60 लोगों को ऊपर खींचते हुए शैड तक पहुंचाया। इस दौरान उसका हाथ पूरी तरह से लहूलुहान हो चुका था मगर उसने इसकी परवाह न करते हुए लोगों की जान-बचाने की कोशिश जारी रखी।
गौरव का कहना है कि उस समय उसने जो कुछ किया, वह वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी देख रहे थे, जिन्होंने ही उनका नाम भारतीय वीरता अवार्ड के लिए गृह मंत्रालय के पास भेजा था। उसने बताया कि उस समय उसके पिताजी की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा जब एक दिन रक्षा मंत्रालय का एक पत्र उनके घर आया, जिसमें उन्हें बहादुरी अवार्ड देने के लिए चयनित किया गया था।
गौरव का कहना है कि यह अवार्ड उनके लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धी है और यह अवार्ड जीवन पर्यंत उन्हें बहादुरी से काम करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उनका कहना है कि उनकी इच्छा आर्मी में नौकरी करने की है ताकि वह अपने देश के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपना अधिकतम योगदान दे सकें। गौरव का कहना है कि उन्हें बहादुरी दिखाने की प्रेरणा उनके अध्यापकों द्वारा सुनाई गई वीरताप्ररक कहानियों से मिली है। गौरव फिलहाल फतेहबाद के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में नौंवी कक्षा का छात्र है।
सैनी एजूकेशन सोसायटी भी करेगी गौरव को सम्मानित
रोहतक। केंद्र सरकार के बाद अब सैनी समाज की सबसे बड़ी सोसायटी सैनी एजूकेशन सोसायटी रोहतक ने भी बहादुर गौरव सैनी को विशेष तौर पर सम्मानित करने का फैसला लिया है। सोसायटी अध्यक्ष विजय सैनी ने बताया कि गौरव ने जो करके दिखाया है वह न केवल सैनी समाज बल्कि सम्पूर्ण भारत के लिए एक गौरव की बात है।
नई दिल्ली में अपने पिता के साथ गौरव सैनी। सैनी संवाद
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