10 साल पाकिस्तानी जेल में काट चुके हैं परमिंदर
टोरेंटो (कनाड़ा)। वर्ष 1984 में इंडियन एयरलाइंस के विमान के अपहरण के मुख्य साजिशकर्ता परमिंदर सिंह सैनी (46 वर्ष) को कनाडा सरकार ने विगत 26 जनवरी को भारत प्रत्यर्पित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि 15 वर्ष पहले कनाडा में शरण लेने वाले परमिंदर को गणतंत्र दिवस की सुबह भारत वापस भेज दिया गया। कनाडा की सीमा सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों ने उसे टोरंटो हवाई अड्डे पर एक भारतीय उड़ान में सवार कराया, जिसे भारतीय अधिकारियों ने रिसिव कर लिया।
ध्यान रहे 6 जुलाई 1984 को श्रीनगर से दिल्ली जा रहे इंडियन एयरलाइंस के विमान का पांच सिख युवकों ने अपहरण किया था। परमिंदर सैनी इस दल का नेता था। विमान को 255 यात्रियों के साथ अगवा करके लाहौर ले जाया गया। अपहर्ताओं के पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने समर्पण करने के बाद 17 घंटे चले अपहरण कांड का अंत हुआ। पाकिस्तान में चले मुकदमे में सैनी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। बाद में उसकी सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया। पाकिस्तान छोडऩे की शर्त पर उसे 10 वर्ष बाद रिहा कर दिया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कनाडा जाने के लिए उसके फर्जी पासपोर्ट का बंदोबस्त किया।
परमिंदर सैनी वर्ष 1995 में एक फर्जी अफगान पासपोर्ट के सहारे कनाडा में दाखिल हुआ जिस पर उसका नाम बलबीर सिंह लिखा था। उसने कहा कि भारत भेजे जाने के भय से उसने अपना नाम गलत बताया। कनाडा पहुंचकर उसने स्नातक और कानून की पढ़ाई पूरी की। उसने पिछले वर्ष कनाडा की लॉ सोसायटी के सामने वकालत करने की अनुमति देने का आवेदन दिया भी किया था लेकिन आपराधिक पृष्ठभूमि के कारण सोसायटी ने उसका आवेदन खारिज कर दिया।
रविवार, फ़रवरी 07, 2010
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