मामला गढ़ीउजाले खां की शामलाती जमीन का
गोहाना। गढ़ी उजाले खां गांव की शामलात जमीन पर मूर्ति स्थापना को लेकर दो गुटों में तनातनी हो गई है। एक गुट का कहना है कि जमीन पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगनी चाहिए जबकि दूसरा गुट यहां किसी राजनीतिज्ञ की मूर्ति लगवाने का प्रयास कर रहा है।
इसी संदर्भ में गढ़ी उजाले खां गांव के मौजीज लोगों की एक बैठक विगत 14 जुलाई को हुई। जिसमें सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि शामलात जमीन पर नेता जी सुभाष चंद्र बोस की ही प्रतिमा लगाई जाएगी और विरोधी गुट द्वारा एक नेता विशेष की प्रतिमा लगाने की जो कोशिशें की जा रही है, उसे कामयाब नहीं होने दिया जायेगा। सोनीपत जिला परिषद के सदस्य परमवीर सैनी और गोहाना पंचायत समिति के सदस्य सुनील सैनी ने कहा कि गढ़ी उजाले खां गांव यह कदापि बर्दाश्त नहीं करेगा कि उसकी शामलाती जमीन का दुरुपयोग एक राजनीतिक परिवार को खुश करने के लिए हो। गांव के पूर्व सरपंच डा. मोहन सैनी ने कहा कि शामलाती जमीन का प्रयोग कोई व्यक्ति विशेष नहीं, केवल प्रशासन या सरकार कर सकते हैं जिसमें नेता विशेष की नहीं बल्कि किसी संत-महात्मा या शहीद की प्रतिमा ही लगाई जा सकती है।
डा. महेंद्र सैनी, आढ़ती महेंद्र सैनी और पंच बलबीर सैनी ने कहा कि यदि गढ़ी उजाले खां गांव में किसी शहीद या महात्मा की प्रतिमा के अलावा किसी अन्य की प्रतिमा लगाई गई, गांव इसका डट कर विरोध करेगा। सोनू सैनी, राजू सैनी, वजीर सैनी और अजीत सिंह सैनी ने कहा कि गढ़ी उजाले खां कोई ऐसा कमजोर गांव नहीं है कि उसकी मर्जी के खिलाफ किसी की भी प्रतिमा को थोप दिया जाएगा।
गुरुवार, अगस्त 05, 2010
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