सोमवार, जनवरी 11, 2010

विवादित दुकानों पर चला पीला पंजा


महेन्द्र तोंदवाल
कार्यकारी सम्पादक


रोहतक। करीब दो दशकों तक स्थानीय कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चली लम्बी बहस एवं जद्दोजहद के बाद आखिरकार सैनीयान ट्रस्ट सैनीपुरा के ट्रस्टी सदस्य एवं तत्कालीन कोषाध्यक्ष पूर्ण सिंह सैनी कांग्रेसी नेता रघुबीर सैनी के कब्जे से सैनीयान ट्रस्ट की दुकानों को छुड़वाने में कामयाबी हो ही गए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर स्थानीय कोर्ट के कर्मचारियों ने सुभाष रोड स्थित उक्त विवादास्पद दुकानों का कब्जा इसका मालिकाना हक रखने वाले सैनीयान ट्रस्ट को दिलवा दिया है। अधिकारिक तौर पर कब्जा मिलने के बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सदस्यों-पूर्ण ङ्क्षसंह सैनी, प्रेम सिंह सैनी व बलवंत सैनी-की उपस्थिति में पीले पंजे की मदद से इन दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
सैनीयान ट्रस्ट के सदस्य बलवंत सैनी ने बताया कि ये सभी दुकानें कांग्रेसी नेता रघुबीर सैनी वासी सैनीपुरा रोहतक के नाम आवंटित थी और इन्हें खाली करवाने के लिए पिछले करीब 20 वर्षों से अदालती कार्रवाई की जा रही थी। इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने रघुबीर सैनी को विगत 30 नवम्बर तक उक्त सभी दुकानें खाली करने के आदेश जारी किए थे।
उन्होंने बताया कि  पूर्ण सिंह सैनी ने रघुबीर सैनी के कब्जे से उक्त दुकानों को छुड़वाने के लिए करीब 20 साल पूर्व कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें पूर्ण सिंह का कहना था कि इसी ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य रघुबीर सैनी को दो दुकानें किराये पर दी गई थी मगर कुछ सालों बाद रघुबीर ने न केवल उक्त दुकानों को अधिक किराए पर सब-लेट कर दिया, बल्कि इन दुकानों के पीछे खाली पड़ी सैनी धर्मशाला की जमीन पर भी अवैध कब्जा कर गैर-कानूनी तरीके से यहां तीन और कमरें भी बना दिए और इन्हें भी किराए पर दे दिया। पूर्ण सिंह का कहना था कि ऐसा करके रघुबीर सैनी ने ट्रस्ट के नियमों की धज्जियां उड़ाई है क्योकि बिना ट्रस्ट की अनुमति लिए कोई भी किरायेदार न तो अपनी दुकान का विस्तार या मरम्मत करवा सकता है और न ही उसे सबलेट कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है तो ट्रस्ट उससे दुकान खाली करवाने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत है।  दोनों पक्षों की दलीलों, जिरह एवं प्रस्तुत दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद  कोर्ट ने पूर्ण सिंह सैनी के हक में फैसला सुनाया और रघुबीर सैनी को दुकानें खाली करने के आदेश जारी कर दिए। जिसकी अपील रघुबीर ने पहले सैशन कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में की थी मगर दोनों ही जगह उन्हें हार का मुहं देखना पड़ा था। बावजूद इसके रघुबीर ने हिम्मत नहीं हारी और हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस याचिका को भी  खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रघुबीर सैनी को दुकान खाली करने के आदेश जारी कर दिए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर विवादित दुकान को ढहाता पीला पंजा। सैनी संवाद

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