गुरुवार, अप्रैल 28, 2011

अपहर्ताओं के चंगुल से भाग निकला सुखपाल


फतेहाबाद (विनोद सैनी)। जिले के शहर रतिया के वार्ड नं. 1 निवासी राजू सैनी के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए 13 वर्षीय पुत्र सुखपाल सैनी अपहरण के एक दिन बाद ही अपहर्ताओं को चकमा देकर घर लौट आया। बाद में वार्ड पार्षद जसपाल पाली की मौजूदगी में अपने लापता होने के जानकारी पत्रकारों को देते हुए सुखपाल सैनी ने बताया कि होली के दिन वह शाम को सात बजे के लगभग जब पुराने सिटी थाने के पास घूम रहा था तो अचानक एक मारुति वैन उसके पास आकर रुकी। वैन में सवार चार युवकों ने उसे अंदर खींच लिया व उसे कुछ चीज सुंघाकर बेहोश कर दिया तथा उसके हाथ-पैर बांध दिए। सुखपाल ने बताया कि अगले दिन जब देर शाम को जब वैन सड़क किनारे खड़ी थी तो वह वैन का शीशा तोड़कर बाहर निकल आया और पास के खेतों की ओर भाग लिया। वैन में सवार युवक उसे खेतों में तलाशते रहे लेकिन वह गेंहू के एक खेत में काफी देर तक दुबका रहा और उसे वहीं नींद आ गई। अगले दिन वह अपने घर रतिया पंहुच गया। सुखपाल ने बताया कि वैन में उससे छोटी उम्र का एक ओर बालक भी था जिसके हाथ पैर बंधे हुए थे। सुखपाल द्वारा दी गई जानकारी के बाद उसके परिवार व पड़ोस के लोग बुरी तरह आतंकित है। लोग सम्भावना यह व्यक्त कर रहे हैं कि सुखपाल बच्चों को अपहरण करने वाले किसी गिरोह के हत्थे चढ़ गया था और बाल-बाल बच गया है।

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