बिलासपुर (पंजाब)। जनविद्रोह की आग में जल रहे लीबिया से कुछ समय पूर्व ही सकुशल हिंदुस्तान पहुंचे स्थानीय लोअर मेन मार्किट में रहने वालेमहाजन सैनी (26) अपने आपको भाग्यशाली समझता है कि समय रहते वह वह लीबिया से वापस लौट आया। महाजन सैनी पिछले तीन सालों से लीबिया में इलेक्ट्रीशियन का काम करता था। वह जिस कंपनी में कार्यरत था वहां से सात महीने पहले छुट्टी लेकर यहां वापस आया था। उसे दो महीने की छुट्टी मिली थी लेकिन उसने लीबिया के बिगड़ते हालात भांप लिए थे। इसलिए वह छुट्टी पूरी होने के बाद भी पैसा कमाने विदेश नहीं गया। महाजन सैनी ने बताया कि लीबिया के लोग बाहर के देशों के लोगों को अपने मुल्क में पसंद नहीं करते। हिन्दुस्तान वालों को तो वे हेय दृष्टि से देखते हैं। इसलिए जब वहां के हालात बिगडऩे लगे और मीडिया ने सारी तस्वीर सबके सामने पेश की तो उसने लीबिया जाने का विचार ही छोड़ दिया। हालांकि उसके साथ वहां गये कई युवक अभी भी फंसे हुए हैं, जिनसे उसने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हुआ।
गुरुवार, अप्रैल 28, 2011
खुशकिस्मत रहे लीबिया से लौटे महाजन सैनी
बिलासपुर (पंजाब)। जनविद्रोह की आग में जल रहे लीबिया से कुछ समय पूर्व ही सकुशल हिंदुस्तान पहुंचे स्थानीय लोअर मेन मार्किट में रहने वालेमहाजन सैनी (26) अपने आपको भाग्यशाली समझता है कि समय रहते वह वह लीबिया से वापस लौट आया। महाजन सैनी पिछले तीन सालों से लीबिया में इलेक्ट्रीशियन का काम करता था। वह जिस कंपनी में कार्यरत था वहां से सात महीने पहले छुट्टी लेकर यहां वापस आया था। उसे दो महीने की छुट्टी मिली थी लेकिन उसने लीबिया के बिगड़ते हालात भांप लिए थे। इसलिए वह छुट्टी पूरी होने के बाद भी पैसा कमाने विदेश नहीं गया। महाजन सैनी ने बताया कि लीबिया के लोग बाहर के देशों के लोगों को अपने मुल्क में पसंद नहीं करते। हिन्दुस्तान वालों को तो वे हेय दृष्टि से देखते हैं। इसलिए जब वहां के हालात बिगडऩे लगे और मीडिया ने सारी तस्वीर सबके सामने पेश की तो उसने लीबिया जाने का विचार ही छोड़ दिया। हालांकि उसके साथ वहां गये कई युवक अभी भी फंसे हुए हैं, जिनसे उसने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हुआ।
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