गुरुवार, अप्रैल 28, 2011

अभ्यास में घायल जवान जसबीर सैनी की मौत


डेराबस्सी (पंजाब)। विगत पांच मार्च को अभ्यास प्रदर्शन के दौरान अस्थायी दीवार से नीचे उतरते समय रस्सी टूटने से घायल हुए 7-पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान नायब सूबेदार जसबीर सिंह सैनी की कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद आखिरकार मौत हो गई। लालड़ू के गांव डहर के इस जवान का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया। 6 लैंसर इंडियन आम्र्ड फोर्स द्वारा हवाई फायर करके शहीद को नौ जवानों की टुकड़ी ने सलामी दी। शहीद की चिता को अग्नि उसके ज्येष्ठ सुपुत्र रोहित सैनी (16) ने दी। इस मौके पर भारी संख्या में फौजी, पंजाब पुलिस के जवान तथा इलाके के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे और सभी सूबेदार जसबीर सिंह द्वारा सेना में रहते हुए दी गई सराहनीय सेवाओं की प्रशंसा कर रहे थे। सभी का कहना था कि जसबीर एक अनुशासित, कर्मठ व देश के सच्चे सिपाही थे, जिन्होंने अपने कर्तव्य को हमेशा सर्वोपरि रखते हुए इसे निभाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। यही वजह थी कि जसबीर ने एक विशेष मुकाम हासिल कर लिया था। नायब सूबेदार जसवीर सिंह आगरा में 7 पैरा मिलिट्री फोर्स में तैनात था, 5 मार्च को 11 बजे अभ्यास के दौरान रस्सी टूटने के कारण 40 फुट की ऊंचाई से गिरकर घायल हो गया था। सूबेदार के शव को दिल्ली तक हवाई जहाज में, फिर सड़क के रास्ते गांव में लाया गया। गांव में पहुंचते ही मातम छा गया। तिरंगे में लिपटा शहीद के शव को फौजी अधिकारियों तथा जवानों ने फूलमालाएं चढ़ाकर श्रद्धा के फूल भेंट किये। शहीद के परिवार में पत्नी स्वर्ण कौर लड़का रोहित सैनी, लड़की अंकिता सैनी (13), पिता बचना राम, माता मनोहरी देवी है।

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