गुरुवार, अप्रैल 28, 2011

श्रीराम सैनी समेत 8 को 3-3 साल की सजा


रेवाड़ी। लगभग एक दशक पूर्व हुई रजिस्ट्रियों के साथ छेड़छाड़ तथा दो फर्जी रजिस्ट्रियां करने के मामले में स्थानीय अदालत ने तत्कालीन तहसीलदार नरेश श्योकंद व रजिस्ट्री क्लर्क श्रीराम सैनी समेत 8 लोगों को 3-3 साल कैद की सजा सुनाई है। देवेन्द्र यादव वासी मांढइया कलां ने एक दशक पूर्व धोखाधड़ी का एक मामला थाना शहर पुलिस में दर्ज कराया था। यादव के अनुसार उन्होंने जिला के पीवराकी गांव की 10 मरला जमीन रचना देवी निवासी नांगल काठा व 7 मरला जमीन चौकी नंबर-2 गांव की मंजू यादव के नाम रजिस्ट्रियां नंबर 5248 व 5249 कराई थीं। लेकिन बाद में उसकी रजिस्ट्री से छेड़छाड़ करके मंजू देवी वाली रजिस्ट्री में 7 मरला को 17 मरला कर दिया गया। इतना ही नहीं उसकी जमीन की दो अन्य फर्जी रजिस्ट्री नंबर 5250 व 5251 भी इसी दिन फर्जी हस्ताक्षर करके कर दी गई। 400 गज की यह रजिस्ट्री अशोक बवानिया व 17 मरला की रजिस्ट्री प्रेमा देवी शहादत नगर के पक्ष में की गई थी। जब वह तहसील गया तो वहां उसे इस धोखाधड़ी का पता लगा। उसने तत्कालीन तहसीलदार नरेश श्योकंद व रजिस्ट्री क्लर्क श्रीराम सैनी से सम्पर्क साधा। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। तत्पश्चात उसने शहर थाना में तहसीलदार नरेश श्योकंद, रजिस्ट्री क्लर्क श्रीराम सैनी समेत 8 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। साभार दैनिक ट्रिब्यून

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