श्रीगंगानगर। सूरतगढ़ के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक सुरेश सैनी पर लगे रिश्वत लेने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। मामले की जांच के पहले चरण में गत माह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक दीक्षा कामरा और गवाहों के बयान हुए। ब्यूरो बीकानेर के अपर पुलिस अधीक्षक रविदत्त गौड़ इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। वे इस सिलसिले में ही यहां आए थे। उन्होंने तत्कालीन पुलिस उप अधीक्षक कामरा, ट्रेप पार्टी में शामिल ब्यूरो के अन्य स्टाफ और दो स्वतंत्र गवाह सहायक अभियंता राजेन्द्र सिंह व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के स्टोरपकीपर जोगेन्द्र सिंह के बयान लिए। उल्लेखनीय है कि सूरतगढ़ के पूर्व पुलिस उप अधीक्षक सुरेश सैनी को 6 दिसम्बर 2010 को ब्यूरो के तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक रिद्धकरण कौशिक के नेतृत्व वाले दल ने मानेवाला निवासी परिवादी सुखदेव से 11 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। ब्यूरो मुख्यालय ने मुकदमा दर्ज कर पत्रावली जांच के लिए गंगानगर भेज दी थी। मौजूदा अपर पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने इसकी जांच शुरू की लेकिन कुछ दिन बाद ही पत्रावली बीकानेर स्थानान्तरित हो गई। उधर, डीएसपी सुरेश सैनी ने अपने ऊपर लगे रिश्वत के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें एक षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है।
गुरुवार, अप्रैल 28, 2011
डीएसपी सुरेश सैनी के खिलाफ रिश्वत मामले की जांच शुरू
श्रीगंगानगर। सूरतगढ़ के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक सुरेश सैनी पर लगे रिश्वत लेने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। मामले की जांच के पहले चरण में गत माह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक दीक्षा कामरा और गवाहों के बयान हुए। ब्यूरो बीकानेर के अपर पुलिस अधीक्षक रविदत्त गौड़ इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। वे इस सिलसिले में ही यहां आए थे। उन्होंने तत्कालीन पुलिस उप अधीक्षक कामरा, ट्रेप पार्टी में शामिल ब्यूरो के अन्य स्टाफ और दो स्वतंत्र गवाह सहायक अभियंता राजेन्द्र सिंह व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के स्टोरपकीपर जोगेन्द्र सिंह के बयान लिए। उल्लेखनीय है कि सूरतगढ़ के पूर्व पुलिस उप अधीक्षक सुरेश सैनी को 6 दिसम्बर 2010 को ब्यूरो के तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक रिद्धकरण कौशिक के नेतृत्व वाले दल ने मानेवाला निवासी परिवादी सुखदेव से 11 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। ब्यूरो मुख्यालय ने मुकदमा दर्ज कर पत्रावली जांच के लिए गंगानगर भेज दी थी। मौजूदा अपर पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने इसकी जांच शुरू की लेकिन कुछ दिन बाद ही पत्रावली बीकानेर स्थानान्तरित हो गई। उधर, डीएसपी सुरेश सैनी ने अपने ऊपर लगे रिश्वत के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें एक षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है।
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