दबाव में आई हांसी पुलिस ने किया हत्या का केस दर्ज
चन्द्रप्रकाश सैनी
प्रधान सम्पादक
हांसी (हिसार)। सिटी पुलिस स्टेशन में रहस्यमय परिस्थितियों में हुई सुभाष सैनी की मौत के बाद समस्त सैनी समाज द्वारा एकजुट होकर किये गये प्रयास आखिरकार रंग लेकर आये हैं। सैनी समाज द्वारा बनाये गये दबाव के आगे झुकते हुए हांसी पुलिस ने अब अज्ञात लोगों के खिलाफ सुभाष सैनी की हत्या का मामला दर्ज कर नये सिरे से जांच शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस ने सैनी समाज के 100 से अधिक लोगों के खिलाफ दर्ज किये गये तोडफ़ोड़ व आगजनी के मामले को भी वापस ले लिया है। सुभाष सैनी के परिजनों को न्याय दिलवाने के लिए सैनी समाज द्वारा गठित की गई संघर्ष समिति के अध्यक्ष जे.पी. सैनी ने यह महत्वपूर्ण जानकारी सैनी संवाद को देते हुए बताया कि इस संबंध में एक हलफनामा मामले की जांच कर रहे हांसी के डीएसपी टेकनचंद शर्मा ने विगत 10 मार्च को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर किया है। साथ ही मौखिक तौर पर भी उन्होंने यह जानकारी उनके वकील एवं सघर्ष समिति के महासचिव पवन सैनी को दी है। डीसी ऑफिस से सेवानिवृत जे.पी. सैनी का कहना है कि बेशक पुलिस ने इस संबंध में हत्या का केस दर्ज कर लिया हो मगर वे अभी भी सरकारी कार्रवाई से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है क्योंकि सरकार सुभाष के परिजनों को अब भी महज 2 लाख रुपये ही आर्थिक सहायता मुहैया करवाने की बात कह रही है जो कि किसी भी सूरत में वाजिब नहीं है। जे.पी. सवाल करते हैं कि जब मीरपुर प्रकरण के शिकार हुए लोगों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने के साथ-साथ स्थाई सरकारी नौकरी मुहैया करवाई जा सकती है तो सुभाष के परिजनों के साथ भेदभाव क्यों। उन्होंने बताया कि सुभाष के परिजनों को डेली-वेजीज पर एक नौकरी देने का ऑफर दिया जा रहा है, जो उन्हें मंजूर नहीं है। वे कहते हैं कि अगर सरकार सही मायनों में सुभाष के परिजनों की मदद करना चाहती है तो वे उन्हें डेली-वेजीज की बजाय पक्की नौकरी प्रदान करें। यहां बता दें विगत 13 फरवरी को एक झूठे केस में पकड़े गये सुभाष सैनी की हवालात में मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने इसे आत्महत्या करार दिया था जबकि तथ्यों की जांच के उपरांत ड्यूटी मैजिस्ट्रेट से लेकर अन्य सभी लोग सुभाष की हत्या की ओर इशारा कर रहे थे।





