महेश सैनी
सहारनपुर। रामपुर मनिहारान के गंगाराम कस्बे में एक परिवार में चेचक के कारण दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि परिवार की ही एक लड़की भी चपेट में है। मोहल्ले में इन मौतों से जहां दहशत का माहौल है, वहीं इससे स्वास्थ्य विभाग के उन दावों की पोल खुल गई है जिसमें यह कहा गया था कि चेचक पर अब पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा चुका है। हैरानी की बात है कि इन दो मौतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
मोहल्ला गंगाराम निवासी राजेश सैनी के 9 वर्षीय पुत्र गौरव की विगत 9 नंवबर व पुत्री ज्योति की विगत 10 नवंबर को चेचक की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके अलावा राजेश सैनी के बड़े भाई देवेंद्र सैनी की 14 वर्षीय पुत्री रितु भी चेचक की चपेट में आ गई। इतना ही नहीं राजेश भी संक्रामक बीमारी की चपेट में है, जो मेरठ के किसी अस्पताल में भर्ती है।
स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक वीके गुप्ता का कहना है कि मामला प्रकाश में आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग हरकत में है और इसकी जांच के लिए विभाग की टीम को सूचित कर दिया गया है जो सम्पूर्ण मामले का निरीक्षण कर इसके रोकथाम के उपाय बताएगी। उन्होंने बताया कि यह बीमारी संक्रमण है। खांसते व छींकते समय मुंह पर रुमाल रखना चाहिए। संक्रमण हाथ मिलाने से भी होता है।
शनिवार, दिसंबर 05, 2009
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behad dukhad
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