शनिवार, दिसंबर 05, 2009

भास्कर के मालिक के गैर-जमानती वारंट जारी

झूठी खबर छापने वाला दैनिक भास्कर का स्थानीय संवाददाता पहले ही है जमानत पर

राजेन्द्र सैनी/ समाचार सम्पादक

रोहतक। सैनी एजूकेशन सोसायटी के प्रधान विजय सैनी के खिलाफ कथित मानहानिपूर्ण एवं झूठी खबर छापने के मामले में ज्यूडिशियल मैजिस्टे्रट की अदालत ने भास्कर गु्रप के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। उनके यह वारंट अदालत द्वारा जारी किए गए सम्मन को लेने से मना करने की वजह से जारी किए गए हैं। अदालत ने श्री अग्रवाल, पानीपत यूनिट के सम्पादक दिनेश मिश्रा और दैनिक भास्कर के एक स्थानीय संवाददाता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 500, 501 व 502 के तहत सम्मन जारी कर उन्हें अदालत में तलब होकर अपना पक्ष रखने के आदेश जारी किए थे। इनमें से स्थानीय संवाददाता ने निर्धारित पेशी पर पेश होकर अपनी जमानत ले ली थी मगर श्री अग्रवाल कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। कोर्ट ने यह आदेश विजय सैनी द्वारा एडवोकेट अशोक कादियान के मार्फत कोर्ट में दायर आपराधिक शिकायत में दी गई दलीलों एवं प्रस्तुत दस्तावेजों के अध्ययन तथा गवाहों के बयानों की सुनवाई के बाद जारी किए थे। अदालत ने इन आदेशों में स्पष्ट कहा था चूंकि शिकायतकत्र्ता द्वारा पेश किए गए सबूत याचिका की दलीलों का समर्थन करते हैं लिहाजा मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को तलबकरना जरूरी एवं न्यायसंगत है। याचिका में विजय सैनी का कहना था कि दैनिक भास्कर के स्थानीय संवाददाता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों को आधार बनाकर 24 दिसम्बर 2007 को यह झूठी खबर प्रकाशित कर दी कि हाईकोर्ट ने आठ सप्ताह के भीतर अथवा 20 फरवरी 2008 तक सैनी एजूकेशन सोसायटी के चुनाव सम्पन्न करवाने के आदेश जारी किए हैं जबकि वास्तव में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ऐसे कोई आदेश जारी किये ही नहीं थे।
हालांकि समाचार प्रकाशित होने के बाद विजय सैनी ने स्थानीय संवाददाता से सम्पर्क साध उनसे ऐसे कोई भी आदेश जारी न होने की बात बता प्रकाशित गलत खबर का खंडन छापने के लिए भी कहा था मगर संवाददाता ने पत्रकारिता के सिद्धांतों को ताक पर रखते हुए एक और मनघडंत समाचार प्रकाशित कर प्रधान की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया। तदोपरांत विजय सैनी ने भास्कर समाचार पत्र के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत कोर्ट में दायर की थी।

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