कुछ रोज पूर्व हाईकोर्ट ने जारी कर दिए थे राड़ा की गिरफ्तारी के आदेश
अश्विनी सैनी
हिसार। सुप्रीम कोर्ट ने हिसार नगर परिषद के विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के मामले में इसके प्रधान बिहारी लाल राड़ा (सैनी) को राहत प्रदान करते हुए आगामी 11 दिसंबर तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही न्यायालय ने हरियाणा सरकार को भी नोटिस जारी कर इस बारे जवाब देने को कहा है। ध्यान रहे हाईकोर्ट ने पिछले दिनों राड़ा की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए थे और तभी से विजिलेंस पुलिस राड़ा की गिरफ्तारी के लिए दिन रात छापेमारी कर रही थी मगर उसे इसमें सफलता नहीं मिल पाई थी। राड़ा को गिरफ्तारी को लेकर विजीलेंस पुलिस कितनी गंभीर थी इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके सभी संभावित ठिकानों पर छापा मारने के अलावा नगर परिषद में उपप्रधान के खिलाफ चली अविश्वास प्रस्ताव प्रक्रिया के दौरान भी उनकी सरगर्मी से तलाश की थी। इतना ही नहीं विजिलेंस के उपाधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस के कई दलों ने हिसार में राडा के आवास, नई सब्जी मंडी स्थित उनकी दुकान के अलावा हांसी के भी दो स्थानों पर तलाशी अभियान छेड़ा था। बताया जाता है इन स्थानों पर राड़ा के दो रिश्तेदार रहते हैं। हद तो उस समय हो गई थी जब राड़ा उनके भाई द्वारा महाबीर कालोनी में आयोजित भंडारे में भी पुलिस ने दो बार जाकर उनकी तलाश की मगर राड़ा अंडरग्राऊंडर होकर सर्वोच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत लेने का प्रयास कर रहे थे।
आखिरकार उन्हें अपने इन प्रयासों में उस समय कामयाबी मिल गई जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत प्रदान करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर 11 दिसम्बर तक रोक लगा दी ।
शनिवार, दिसंबर 05, 2009
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें