शनिवार, दिसंबर 05, 2009

सैनी संस्था का चुनाव करवाने सम्बंधी याचिका खारिज

वादियों ने की थी एक साल के भीतर चुनाव करवाने की मांग

महेन्द्र तोंदवाल / कार्यकारी सम्पादक

रोहतक। उत्तर भारत में सैनी बिरादरी की सबसे बड़ी सैनी एजूकेशन सोसायटी रोहतक का चुनाव एक साल में करवाने सम्बंधी याचिका को सिविल जज की अदालत ने खारिज कर दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा है चूंकि सोसायटी के प्रधान व सचिव के पक्ष पर कोई वित्तीय गड़बड़ी नहीं पाई गई है इसलिए उन्हें सोसायटी के खाते ऑपरेट करने से नहीं रोका जा सकता। यह याचिका कृपाल नगर वासी चन्द्रभान सैनी व सैनी आनंदपुरा वासी सूरत सिंह सैनी द्वारा संयुक्त रूप से दायर की गई थी और इसमें सैनी सोसायटी के चुनाव एक माह के भीतर करवाने तथा प्रधान व सचिव को सोसायटी के खाते ऑपरेट करने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।
याचिका में दोनों वादियों का कहना था कि सैनी एजूकेशन सोसायटी के संविधान के मुताबिक सोसायटी की मैनेजिंग कमेटी का कार्यकाल महज एक साल है जबकि यह समयावधि बीत जाने के बावजूद अभी तक प्रधान विजय सैनी की अगुवाई वाली मैनेजिंग कमेटी ने सोसायटी के चुनाव करवाने सम्बंधी कोई भी अधिसूचना जारी नहीं की है। दोनों वादियों का कहना था कि उन्होंने इस सम्बंध में सोसायटी की मैनेजिंग कमेटी को दो बार नोटिस भेजकर उनसे सोसायटी का चुनाव करवाने के लिए 15 दिन का समय भी दिया था मगर कमेटी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
इस याचिका के जवाब में सैनी एजूकेशन सोसायटी का कहना था चूंकि उनके द्वारा संचालित संस्थान महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है इसलिए इस पर विश्वविद्यालय के नियम लागू होते हैं और विश्वविद्यालय के कलेंडर वोल्यूम-एक में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि जो भी एजूकेशन सोसायटी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है, उसकी गवर्निंग बॉडी का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। लिहाजा एक साल के भीतर पुन: चुनाव करवाने का कोई तुक नहीं बनता।
दोनों पक्षों की दलील सुनने और प्रस्तुत दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद सिविल जज (जूनियर डिवीजन) नेहा नोहरिया ने चंद्रभान सैनी व सूरत सिंह सैनी द्वारा चुनाव करवाने सम्बंधी याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही उनकी सैनी सोसायटी के प्रधान व सचिव पर सोसायटी के खाते ऑपरेट करने पर रोक लगाने की गुहार को भी यह कहकर मानने से इंकार कर दिया कि वे न तो प्रधान और न ही सचिव के खिलाफ कोई ऐसा दस्तावेज पेश कर पाए जिससे यह साबित हो सके कि दोनों ही पदाधिकारी खाते ऑपरेट करने में कोई गड़बड़ी कर रहे हैं।

जरूरत महाराजा शूर सैनी के दिखाए मार्ग पर चलने की

चन्द्रप्रकाश सैनी / प्रधान सम्पादक

20 दिसम्बर का दिन यानी सैनी समाज के प्रवर्तक महाराजा शूर सैनी के जन्मोत्सव का अवसर। हर साल की भांति इस बार भी इस दिन सैनी समाज के विभिन्न संगठनों द्वारा महाराजा शूर सैनी की जयंति हर्षोंल्लास से मनाने के लिए कार्यक्रम व गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। हर कार्यक्रम में महाराजा शूर सैनी के आदर्शों पर चलने की शपथ ली जाएगी और जैसे ही कार्यक्रम खत्म होगा वैसे ही शपथ से जुड़ी भावनाएं भी अपने आप खत्म हो जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि हम बात तो हमेशा महाराजा शूर सैनी के उच्च आदर्शों की करते हैं मगर आज तक उन्हें अपने जीवन में आत्मसात नहीं कर पाए हैं। यही वजह है कि वर्तमान समय में अपनी राजनैतिक पहचान बनाने के लिए जूझ रहे सैनी समाज की इस हालिया दुर्दशा के लिए कोई और नहीं, बल्कि हम स्वयं जिम्मेवार है। क्योंकि शताब्दियां बीत जाने के बावजूद आज तक हम सामूहिक रूप से उस विचार को आत्मसात नहीं कर पाए, जो पहले महाराजा शूर सैनी और बाद में दलितों व पिछड़ों के उत्थान एवं कल्याण में अपना जीवन अर्पित करने वाले महात्मा ज्योति बा फूले ने हमें दिया था।
दोनों की विचारधाराओं को यदि गहराई से अध्ययन किया जाए तो उनमें जो एक महत्वपूर्ण समानता दिखाई देती है, वह है वैमन्सय की भावना के त्याग के साथ निजी स्वार्थों से ऊपर उठ सम्पूर्ण एकजुटता के साथ समूचे समाज को जागृत एवं उनके उत्थान के लिए कार्य करना। दोनों ही महापुरुषों ने समाज सुधार एवं विकास के इस मंत्र को अपने जीवन में उतार कर न केवल ऐसे दबे-कुचले लोगों के उत्थान के लिए कार्य किया, जो अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, बल्कि बिना किसी लाग-लपेट के उनकी वांछित मदद कर उन्हें मुख्य धारा में शामिल करने में भी अहम भूमिका निभाई।
जहां तक बात महाराजा शूर सैनी की है तो उनका तो एक सीधा सा मूल मंत्र था कि किसी भी समाज को बुलंदी पर लाने में कामयाबी उसी सूरत में संभव है जब आदमी अध्यात्म, धर्म और प्रकृति में विश्वास कायम रखते हुए सामाजिक समरसता एवं एकजुटता के साथ निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बिना किसी निजी स्वार्थ के पुरुषार्थ व लगन से कार्य करें। यही वजह थी कि अपने शासन काल के दौरान उन्होंने अपनी प्रजा को साम्प्रदायिक सौहार्द की भावना का विकास करते हुए उन्हें एकजुटता के लिए मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी मूलमंत्र ने ही जहां उन्हें एक अच्छे प्रशासक के तौर पर ख्याति दिलाई, वहीं वे जनहित को तवज्जो देने वाली राजा भी साबित हुए। लिहाजा अब वक्त आ गया है कि हम अपनी खोखली मानसिकता को त्यागकर महाराजा शूर सैनी के दिखाए गए मार्ग पर चले और सैनी समाज के विकास एवं कल्याण के लिए एकजुटता के साथ सकारात्मक कार्य करें।

भास्कर के मालिक के गैर-जमानती वारंट जारी

झूठी खबर छापने वाला दैनिक भास्कर का स्थानीय संवाददाता पहले ही है जमानत पर

राजेन्द्र सैनी/ समाचार सम्पादक

रोहतक। सैनी एजूकेशन सोसायटी के प्रधान विजय सैनी के खिलाफ कथित मानहानिपूर्ण एवं झूठी खबर छापने के मामले में ज्यूडिशियल मैजिस्टे्रट की अदालत ने भास्कर गु्रप के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। उनके यह वारंट अदालत द्वारा जारी किए गए सम्मन को लेने से मना करने की वजह से जारी किए गए हैं। अदालत ने श्री अग्रवाल, पानीपत यूनिट के सम्पादक दिनेश मिश्रा और दैनिक भास्कर के एक स्थानीय संवाददाता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 500, 501 व 502 के तहत सम्मन जारी कर उन्हें अदालत में तलब होकर अपना पक्ष रखने के आदेश जारी किए थे। इनमें से स्थानीय संवाददाता ने निर्धारित पेशी पर पेश होकर अपनी जमानत ले ली थी मगर श्री अग्रवाल कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। कोर्ट ने यह आदेश विजय सैनी द्वारा एडवोकेट अशोक कादियान के मार्फत कोर्ट में दायर आपराधिक शिकायत में दी गई दलीलों एवं प्रस्तुत दस्तावेजों के अध्ययन तथा गवाहों के बयानों की सुनवाई के बाद जारी किए थे। अदालत ने इन आदेशों में स्पष्ट कहा था चूंकि शिकायतकत्र्ता द्वारा पेश किए गए सबूत याचिका की दलीलों का समर्थन करते हैं लिहाजा मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को तलबकरना जरूरी एवं न्यायसंगत है। याचिका में विजय सैनी का कहना था कि दैनिक भास्कर के स्थानीय संवाददाता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों को आधार बनाकर 24 दिसम्बर 2007 को यह झूठी खबर प्रकाशित कर दी कि हाईकोर्ट ने आठ सप्ताह के भीतर अथवा 20 फरवरी 2008 तक सैनी एजूकेशन सोसायटी के चुनाव सम्पन्न करवाने के आदेश जारी किए हैं जबकि वास्तव में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ऐसे कोई आदेश जारी किये ही नहीं थे।
हालांकि समाचार प्रकाशित होने के बाद विजय सैनी ने स्थानीय संवाददाता से सम्पर्क साध उनसे ऐसे कोई भी आदेश जारी न होने की बात बता प्रकाशित गलत खबर का खंडन छापने के लिए भी कहा था मगर संवाददाता ने पत्रकारिता के सिद्धांतों को ताक पर रखते हुए एक और मनघडंत समाचार प्रकाशित कर प्रधान की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया। तदोपरांत विजय सैनी ने भास्कर समाचार पत्र के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत कोर्ट में दायर की थी।

बलवंत सैनी बने सैनीयान ट्रस्ट के नए सदस्य

अशोक सैनी
रोहतक। सैनी एजूकेशन सोसायटी द्वारा संचालित सैनी डिग्री कालेज की गवर्निंग बॉडी के सदस्य बलवंत सैनी वासी सैनीपुरा रोहतक को सैनीयान ट्रस्ट सैनीपुरा का नया सदस्य नियुक्त किया गया है। बलवंत की नियुक्ति उनके बड़े भाई एवं सैनीयान ट्रस्ट के सदस्य प्रीतम सैनी के आकस्मिक निधन के बाद खाली हुए स्थान को भरने के लिए की गई है। बलवंत सैनी का कार्यकाल आजीवन रहेगा। उनकी नियुक्ति पर सैनी युवा कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष महेंद्र सैनी, सचिव किशन सिंह कोच तथा सैनी एजूकेशन सोसायटी के उपप्रधान महिपाल सैनी, सचिव सतपाल, सहसचिव सुभाष सैनी व कोषाध्यक्ष रोहतास आर्य ने खुशी व्यक्त की है।

सुप्रीमकोर्ट ने लगाई राड़ा की गिरफ्तारी पर रोक

कुछ रोज पूर्व हाईकोर्ट ने जारी कर दिए थे राड़ा की गिरफ्तारी के आदेश

अश्विनी सैनी

हिसार। सुप्रीम कोर्ट ने हिसार नगर परिषद के विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के मामले में इसके प्रधान बिहारी लाल राड़ा (सैनी) को राहत प्रदान करते हुए आगामी 11 दिसंबर तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही न्यायालय ने हरियाणा सरकार को भी नोटिस जारी कर इस बारे जवाब देने को कहा है। ध्यान रहे हाईकोर्ट ने पिछले दिनों राड़ा की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए थे और तभी से विजिलेंस पुलिस राड़ा की गिरफ्तारी के लिए दिन रात छापेमारी कर रही थी मगर उसे इसमें सफलता नहीं मिल पाई थी। राड़ा को गिरफ्तारी को लेकर विजीलेंस पुलिस कितनी गंभीर थी इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके सभी संभावित ठिकानों पर छापा मारने के अलावा नगर परिषद में उपप्रधान के खिलाफ चली अविश्वास प्रस्ताव प्रक्रिया के दौरान भी उनकी सरगर्मी से तलाश की थी। इतना ही नहीं विजिलेंस के उपाधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस के कई दलों ने हिसार में राडा के आवास, नई सब्जी मंडी स्थित उनकी दुकान के अलावा हांसी के भी दो स्थानों पर तलाशी अभियान छेड़ा था। बताया जाता है इन स्थानों पर राड़ा के दो रिश्तेदार रहते हैं। हद तो उस समय हो गई थी जब राड़ा उनके भाई द्वारा महाबीर कालोनी में आयोजित भंडारे में भी पुलिस ने दो बार जाकर उनकी तलाश की मगर राड़ा अंडरग्राऊंडर होकर सर्वोच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत लेने का प्रयास कर रहे थे।
आखिरकार उन्हें अपने इन प्रयासों में उस समय कामयाबी मिल गई जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत प्रदान करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर 11 दिसम्बर तक रोक लगा दी ।

शिक्षाविद् ओमप्रकाश सैनी का निधन

रोहतक। स्थानीय देव कालोनी निवासी रिटायर्ड हैडमास्टर ओमप्रकाश सैनी का 2 दिसम्बर को निधन हो गया। वे 76 साल के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। वे अपने पीछे एक पुत्र व एक पुत्री छोड़ गए। उनकी रस्म तेरहवीं 13 दिसम्बर को उनके निवास स्थान पर होगी।



नीरू सैनी को उदयन फैलोशिप

लाड़वा (कुरुक्षेत्र) । राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा नीरू सैनी का उदयन फेलोशिप के लिए चयन किया गया है। नीरू ने उदयन केयर द्वारा आयोजित प्रतिस्पर्धा में शिरकत की थी। इस प्रतियोगिता में 300 प्रतिभागी थे। स्कूल प्राचार्य विमल नरवाल ने बताया कि छात्रा को उसकी शिक्षा पूरी होने तक 7000 रुपए प्रति वर्ष बतौर छात्रवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रतिस्पर्धा में उपस्थित छात्रों में से 50 छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इसमें से 26 प्रतिभावान छात्रों को इस छात्रवृत्ति के लिए चुना गया है।

भिवानी में होगा महाराजा शूर सैनी जयंति समारोह

राजबीर सैनी

भिवानी। सैनी समाज के प्रवर्तक महाराजा शूर सैनी के जन्मदिन पर 20 दिसम्बर को सैनी कल्याण परिषद के तत्वावधान में स्थानीय नेहरू पार्क के सामने महाराजा शूर सैनी जयंति समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रदेश भर से सैनी समाज के लोग हिस्सा लेंगे। परिषद के अध्यक्ष घीसाराम सैनी ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्यातिथि प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव श्यामसुंदर सैनी होंगे जबकि अध्यक्षता भिवानी से विधायक घनश्याम दास सर्राफ करेंगे। इसके अलावा समाजसेवी परमानंद सैनी, सरपंच हंसराम सैनी व जगदीश चंद सैनी, विजय तंवर, सुलतान सिंह व ओमप्रकाश सैनी आदि विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मुख्य व विशिष्ट अतिथियों द्वारा महाराजा शूर सैनी के जीवन पर प्रकाश डाला जाएगा तथा उपस्थितजन से उनके दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया जाएगा। घीसाराम ने बताया कि इस अवसर पर सैनी समाज के मेधावी विद्यार्थियों, तथा खिलाडिय़ों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समारोह के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है।

प्रधान ने किया औचक निरीक्षण

                                                                                     विनोद सैनी

रोहतक। सैनी एजूकेशन सोसायटी द्वारा संचालित विभिन्न स्कूलों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए सोसायटी के अध्यक्ष विजय सैनी ने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया और कक्षाओं में बैठकर अध्यापकों के टीचिंग स्किलस का विशलषण किया। यही नहीं उन्होंने न केवल बच्चों से पढ़ाई बारे बातचीत की, बल्कि अध्यापकों को वांछित दिशा-निर्देश भी जारी किए। साथ ही उन्होंने गैर-शिक्षक कर्मचारियों के कामों का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर सैनी संवाद से बातचीत करते हुए विजय सैनी ने कहा कि औचक निरीक्षण के पीछे मुख्य ध्येय स्कूल स्टॉफ की कार्यप्रणाली की जांच करने के साथ-साथ बच्चों की समस्याओं के बारे में भी पता लगाना था।

औचक निरीक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत करते प्रधान विजय सैनी।

विधायक ने दी स्व. ईश्वर सैनी को श्रद्धांजलि


जोगेन्द्र सैनी

रोहतक। सैनी एजूकेशन सोसायटी द्वारा संचालित सैनी बी.एड कालेज के गवर्निंग बॉडी के सदस्य स्व. ईश्वर सिंह सैनी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त हुए स्थानीय विधायक भारत भूषण बतरा ने कहा कि ईश्वर सिंह एक कर्मठ कार्यकत्र्ता थे और सैनी समाज के उत्थान एवं विकास के लिए हर समय तत्पर रहते थे। उन्होंने कहा कि अपने जीवन काल के दौरान ईश्वर सिंह जब भी उनसे मिलते थे तो वे सैनी समाज के उत्थान एवं विकास की ही बात करते थे। जो यह दर्शाता है कि उन्होंने अपना जीवन सामाजिक विकास को समर्पित कर दिया था।
विधायक बतरा ने तेरहवीं वाले दिन स्व. ईश्वर सिंह के घर पहुंचकर उन की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परमपिता से प्रार्थना की। इस अवसर पर मौजूद सैनी एजूकेशन सोसायटी के प्रधान विजय सैनी ने कहा कि ईश्वर सैनी के आकस्मिक निधन से सैनी एजूकेशन सोसायटी को अपूर्णनीय क्षति हुई है क्योंकि सोसायटी की युवा मैनेजमैंट ने सोसायटी के विकास का जो खाका तैयार किया है स्व. ईश्वर सिंह उसके मुख्य स्तम्भों में से एक थे और उनका निरंतर सहयोग मैनेजमैंट के अन्य सदस्यों को प्रोत्साहित करने का काम करता था। विजय सैनी ने कहा कि सोसायटी के कल्याणार्थ मैनेजिंग कमेटी ने जब भी कोई भी काम स्व. ईश्वर सैनी के जिम्मे लगाया, उसको उन्होंने पूरी तन्मयता से निर्धारित समय पर पूरा किया। सोसायटी सचिव सतपाल सिंह ने कहा कि स्व. ईश्वर सैनी सूचनाओं का भंडार थे और सोसायटी के विकास के लिए जब भी कोई योजना बनाई जाती तो वे उस योजना को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए नित नई सूचनाओं से मैनेजिंग कमेटी को अवगत करवाते रहते थे।
इस अवसर पर सोसायटी के पूर्व प्रधान प्रेम सिंह सैनी, उपप्रधान महिपाल सिंह, सहसचिव सुभाष सैनी, कोषाध्यक्ष रोहतास सैनी, मैनेजर सूरजभान सैनी, रामेश्वर सैनी, किशन सिंह कोच, महेंद्र तोंदवाल, यशवीर सैनी, अशोक सैनी, सुरेश सैनी, देवी सिंह, नवीन सैनी, दयाराम सैनी, शमशेर सैनी, ईश्वर सिंह, बलवंत सैनी, जिले सिंह ने भी स्व. ईश्वर सैनी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
ध्यान रहे चुन्नीपुरा वासी ईश्वर सैनी का विगत 24 अक्तूबर को पीजीआईएमएस में आकस्मिक निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे और अपने पीछे चार पुत्र छोड़ गए। ईश्वर सिंह को सांस लेने में आ रही दिक्कत के चलते 23 अक्तूबर की रात को पीजीआई के आपातकालीन कक्ष में भर्ती करवाया गया था। जहां बाद में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रिकू में स्थानांतरित कर दिया गया था। 24 अक्तूबर की सुबह उनका असामयिक निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार गोहाना रोड स्थित शमशान घाट में किया गया था, जिसमे शहर के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया था।

स्व. ईश्वर सैनी तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित करते स्थानीय विधायक भारत भूषण बतरा। सैनी सवांद

एंबुलेंस स्पर्धा में सैनी स्कूल प्रथम


रोहतक । जिला सेंट जॉन एम्बूलेंस एसोसिएशन द्वारा आयोजित की गई जिला स्तरीय एंबुलेंस प्रतियोगिता में सैनी सीनियर सैकेंडरी स्कूल ने प्रथम स्थान हासिल कर सैनी एजूकेशन सोसायटी का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में जिले भर से 86 टीमों ने भाग लिया था। सैनी एजूकेशन सोसायटी के प्रधान विजय सैनी, उपप्रधान महिपाल सिंह, सचिव सतपाल सैनी, सहसचिव सुभाष व कोषाध्यक्ष रोहतास आर्य सहित अन्य पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों की उनकी इस उपलब्धी पर बधाई दी है।

प्रथम आने पर पुरस्कार हासिल करतीं सैनी स्कूल की टीम।
सैनी संवाद

प्रकृति और अध्यात्म का मेल है सैनी की कृतियां

लोगों को खूब रास आई चित्रकला प्रदर्शनी


राजस्थान। आईफैक्स कलादीर्घा में चित्रकार जे.एस. सैनी द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी में प्रकृति और अध्यात्मकता का अदभुत मिश्रण है। इस चित्रकला प्रदर्शनी में कलाकार ने प्रकृति के साथ इंसानों के आत्मिक संबंधों को दर्शाने की कोशिश की है। चित्रों में प्रकृति की सतरंगी छटाओं के साथ इंसानी भावनाएं कैद हैं। उनके चित्रों में कहीं पर प्रकृति के रूप में ईश्वर की प्रतिमाएं झांकती हैं तो कहीं पर वक्त अपना महत्व बताता है। प्राकृतिक रंगों में डूबे उनके चित्र जंगली फूलों की खुशबू और जिंदगी की अनजानी डगर का अहसास कराते हैं जो दर्शकों में नई प्रेरणा, ऊर्जा व चेतना का संचार करते हैं। जे.एस. सैनी ने बताया कि प्रकृति और अध्यात्म का उतना ही करीबी संबंध है जितना ईश्वर और इंसान का। ईश्वर प्रकृति के रूप में इंसानों के करीब रहते हैं। जब इंसान प्रकृति के करीब रहता है तो प्रकृति भी उसके अनुरूप ढल जाती है। प्रकृति से दूर जाने की चेष्टा भर से वही जीवनदायनी प्रकृति उस पर विपदा बन कर टूट पड़ती है। प्रकृति के इस नियम को जो समझ जाए उसे प्रकृति में ही ईश्वर की प्राप्ति हो जाती है। जो न समझ पाए वह अज्ञानी बन कर उसके करीब तो रहता है किंतु उसे समझ नहीं पाता। ऐसे इंसान को नादान ही कहा जाएगा। पेड़, पौधे, जंगल, हवा, पानी अनगिनत फूल, पक्षी एवं जन-जीवन सभी ईश्वर के ही प्रतिरूप हैं। इस प्रदर्शनी में कलाकार ने इंसान के चारों ओर फैली प्राकृतिक संपदा के हर रंग-रूप को अपनी अभिव्यक्ति में ढाल कर पेश किया है। प्रदर्शनी में रखे चित्रों में प्रकृति की अनमोल छटा और जंगली फूलों में बसी खुशबू की महक उनके कैनवास पर रंगों के जरिए छिटक गई है। पिछले कई वर्षों से वह अपने चित्रों की प्रदर्शनी लगा रहे हैं। उनका विषय हमेशा प्रकृति एवं उसके साथ जुड़े इंसान ही होते हैं। अपनी अनुभूति के अनुसार वह प्रकृति के रंगों में अपनी कल्पनाओं के रंग उड़ेल देते हैं। उन रंगों से तैयार होता है, प्रकृति का एक ऐसा नया रंग जिसमें इंसानी जज्बात मिले होते हैं। उनके चित्रों में इंसानी उत्साह, ऊर्जा व सपनों के अक्स दिखाई देते हैं।
उनके अनुसार हर प्रदर्शनी चित्रकार का उत्साह बढ़ाती है। यही उत्साह उन्हें हर बार मजबूर करता है कि वह अपने चारों तरफ के वातावरण के बारे में नए सिरे से सोचें और कल्पनाओं से उसमें अभिव्यक्तियों के नए रंग भर दे ।

सैनी स्कूल की अध्यापिका सेवानिवृत्त

सैनी सोसायटी में हुआ विदाई समारोह

सतबीर सैनी

रोहतक। सैनी गल्र्ज हाई स्कूल में 35 सालों तक अपनी सेवाएं देने के बाद जे.बी.टी. अध्यापिका लक्ष्मी देवी विगत 30 नवम्बर को सेवानिवृत्त हो गई। उनकी सेवानिवृत्त पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सैनी सोसायटी के प्रधान विजय सैनी व अन्य पदाधिकारियों ने उनके द्वारा निभाई गई जिम्मेवारीपूर्ण सेवाओं की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।

सड़क हादसे में सैनी मित्रों की दर्दनाक मौत

ग्रामीणों ने कई घंटे किया रोड जाम

चिड़ावा (राजस्थान)। चिडावा-झुंझुनूं मार्ग पर आकावाली ढाणी के समीप विगत 24 नवम्बर की देर शाम एक निजी बस ने स्कूटर पर सवार दो दोस्तों आकावाली ढाणी निवासी मनोज सैनी पुत्र रामचन्द्र सैनी व नरेन्द्र सैनी उर्फ पिंटू पुत्र बजरंगलाल को कुचल दिया, जिससे दोनों ने ही मौके पर दम तोड़ दिया।
घटना के वक्त दोनों चिड़ावा से अपने घर जा रहे थे। जैसे ही वे ढाणी के समीप पहुंचे तो सामने से आ रही एक निजी बस के चालक ने बस को स्कूटर पर चढ़ा दिया। बस की गति इतनी तेज थी कि स्कूटर व दोनों सवार बस के नीचे घुस गए। दुर्घटना की आवाज सुनकर आस-पास के लोग मदद को दौड़कर आए। स्कूटर सवार युवकों को बडी मुश्किल से बस के नीचे से बाहर निकाला। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया लेकिन बस चालक मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने सडक पर पत्थर, टायर आदि सामान डालकर रास्ता जाम कर दिया और सडक पर आग जला दी। साथ ही उन्होंने आकावाली वाली ढाणी में दो ब्रेकर बनाने व अवरोध लगाने की मांग की। जाम की सूचना पाकर पुलिस उपाधीक्षक सुरेश कुमार खींची व थानाधिकारी रामदेव सिंह मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने तथा सड़क पर पत्थर आदि डालकर जाम जारी रखा तथा सड़क के बीचों बीच अलाव तापते रहे।
हालांकि पुलिस ने ग्रामीणों की मांग को मानते हुए अगली सुबह ही ब्रेकर निर्माण करने आश्वासन दिया लेकिन इसके बावजूद कुछ ग्रामीणों ने यह कहकर रास्ता जाम किए रखा कि ब्रेकर निर्माण का कार्य तुरन्त शुरू किया जाए तथा झुंझुनूं बीड में लगे अवरोधकों की तरह यहां भी अवरोधक लगाए जाएं। इसके साथ-साथ तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। रात दस बजे के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।

लुगदी के टैंक में मिला सुभाष सैनी का शव

अलवर। एमआईए थाना क्षेत्र स्थित एक पेपर मिल में फैक्ट्री सुपरवाइजर हसन खां मेवात नगर निवासी सुभाष सैनी (38) पुत्र श्योनारायण सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने फैक्ट्री स्थित कागज की लुगदी के टैंक से उसका शव बरामद किया। मृतक के परिजनों ने घटना के बाद फैक्ट्री में हंगामा कर दिया और प्रबंधन पर हत्या का आरोप जड़ दिया। थानाधिकारी ओंकारमल गुर्जर ने बताया कि सुभाष सैनी एमआईए स्थित नृसिंह पेपर मिल में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। मंगलवार को सुभाष की ड्यूटी रात 11 से सुबह 8 बजे तक थी। घटना वाले दिन की सुबह फैक्ट्री प्रबंधन ने उसकी मौत की सूचना दी। सुभाष की मौत की सूचना मिलते ही परिजन फैक्ट्री पहुंच गए और परिसर में हंगामा किया। पुलिस ने समझा-बुझा कर मामले को शांत किया। परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुभाष की हत्या का आरोप लगाते हुए बताया कि सुभाष के शव पर चोट व जलने के निशान मिले हैं। शव पर कपड़े भी नहीं थे। मृतक की मोटरसाइकिल फैक्ट्री में खड़ी थी तथा चाबी फैक्ट्री के श्रमिक के पास मिली। सुभाष ने पांच-छह दिन पहले फैक्ट्री अधिकारियों द्वारा नाजायज परेशान करने की बात परिजनों को कही थी। उसने कहा था कि वह फैक्ट्री से नौकरी छोड़ देगा।

प्रापर्टी डीलर संजय सैनी की गोली मारकर हत्या

ढंडेरी ख्वाजगीपुर गांव के ट्यूबवैल के पास मिला शव व बाइक
रुड़की (हरिद्वार)। ढंडेरी ख्वाजगीपुर के प्रापर्टी डीलर संजय सैनी उर्फ गांधी पुत्र तेजपाल सैनी की 22 नवम्बर की रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने गांव के एक ट्यूबवेल के पास से उसका शव व बाइक बरामद की। पुलिस ने इस मामले में प्रापर्टी डीलर के तीन जानकारों को हिरासत में लिया है।
घटनाक्रम के अनुसार संजय गांधी दिल्ली-हरिद्वार राजमार्ग पर बढेड़ी स्थित उक्रांद के कार्यालय में गया था। रात करीब आठ बजे संजय ने अपनी पत्नी को फोन पर कहा कि वह बढेड़ी से चल चुका है तथा करीब बीस मिनट बाद घर पहुंच जाएगा। रात्रि नौ बजे तक भी संजय के घर न पहुंचने पर उसकी पत्नी ने संजय के फोन पर कॉल की, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। इसके अलावा दूसरा फोन स्विच आफ आया।
इस पर संजय के परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार के लोग रात में ही बढेड़ी पहुंचे, जहां पर उन्हें बताया गया कि संजय तो बाइक पर यहां से निकल चुका है। रातभर की खोजबीन के बाद संजय का पता नहीं चला। सुबह जब लोग अपने खेतों में जा रहे थे तो ट्यूबवेल के समीप ही संजय का शव तथा बाइक पड़ी थी। इस पर ग्रामीणों ने संजय के परिजनों तथा सिविल लाइन कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक डीएस भंडारी पुलिस फोर्स को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। संजय की कनपटी पर गोली का निशान था। बाद में पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि संजय प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था और कुछ समय पूर्व ही उक्रांद का सदस्य बना था। वह अक्सर बढेड़ी स्थित उक्रांद के कार्यालय पर जाता था, जहां से वह शाम को लौट आता था। घटना वाले दिन भी संजय हरिद्वार की ओर गया था। उसके साथ उक्रांद का ही बलराज नाम का कोई व्यक्ति भी आया था। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पुलिस ने इस सम्बंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तथा कुछ युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज

अमृतसर। यह उन लोगों के लिए एक संदेश है, जो बेटों के लिए भू्रण में ही कन्या की हत्या करवा देते हैं। बदल रही जीवन शैली में रूढ़ीवादी परंपरा को पीछे छोड़ उच्च शिक्षा प्राप्त दो बेटियों ने समाज के सभी बंधनों को तोड़ते हुए अपने पिता दीनानाथ सैनी की चिता को मुखाग्नि देकर मिसाल कायम की है।
जलियांवाला बाग के निकट स्थित हलवाई की दुकान करने वाले दीनानाथ सैनी की मृत्यु लंबी बीमारी के बाद हो गयी। उनका एक बेटा डा. विजय सैनी व दो बेटियां डा. अनीता सैनी व सुनीता सैनी हैं। उनके बेटे की मौत 12 वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी। पिता की मौत पर दोनों बेटियों ने चाटीविंड स्थित श्मशान घाट में बाप की चिता को मुखाग्नि दी। सिख धर्म के अनुसार दीनानाथ को मुखाग्नि देने से पहले अरदासी सिंह ने अरदास की।

चेचक से सैनी परिवार के दो बच्चों की मौत

महेश सैनी

सहारनपुर। रामपुर मनिहारान के गंगाराम कस्बे में एक परिवार में चेचक के कारण दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि परिवार की ही एक लड़की भी चपेट में है। मोहल्ले में इन मौतों से जहां दहशत का माहौल है, वहीं इससे स्वास्थ्य विभाग के उन दावों की पोल खुल गई है जिसमें यह कहा गया था कि चेचक पर अब पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा चुका है। हैरानी की बात है कि इन दो मौतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
मोहल्ला गंगाराम निवासी राजेश सैनी के 9 वर्षीय पुत्र गौरव की विगत 9 नंवबर व पुत्री ज्योति की विगत 10 नवंबर को चेचक की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके अलावा राजेश सैनी के बड़े भाई देवेंद्र सैनी की 14 वर्षीय पुत्री रितु भी चेचक की चपेट में आ गई। इतना ही नहीं राजेश भी संक्रामक बीमारी की चपेट में है, जो मेरठ के किसी अस्पताल में भर्ती है।
स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक वीके गुप्ता का कहना है कि मामला प्रकाश में आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग हरकत में है और इसकी जांच के लिए विभाग की टीम को सूचित कर दिया गया है जो सम्पूर्ण मामले का निरीक्षण कर इसके रोकथाम के उपाय बताएगी। उन्होंने बताया कि यह बीमारी संक्रमण है। खांसते व छींकते समय मुंह पर रुमाल रखना चाहिए। संक्रमण हाथ मिलाने से भी होता है।

संक्षिप्त समाचार

सिलेंडर में आग लगने से पूरण सैनी झुलसा


टोड़ाभीम। खांदडा पाडा में सब्जी मंडी के समीप एक चाय की दुकान में 21 नवम्बर की शाम सिलेंडर में आग लगने से दुकानदार पूरण सैनी (34) झुलस गया। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदार पूरण सैनी शाम को चाय बना रहा था, तभी गैस रिसाव होने से सिलेण्डर ने आग पकड ली। लोगों ने तुरत-फुरत आग पर काबू पाया। हालांकि इस दौरान पूरण झुलस गया, जिसे चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया है।

सैनी स्कूल में हुई इंग्लिश रीडिग स्पर्धा

रेवाड़ी। बच्चों में आत्मिक विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य को लेकर सैनी पब्लिक स्कूल में 21 नवम्बर को इंग्लिश रीडिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेता प्रतिभागियों को प्राचार्य रूप रेखा पुरस्कृत करेंगी। पाचवीं कक्षा की प्रतियोगिता में विधि, चौथी कक्षा में गौरव व तीसरी कक्षा में रोहन ने प्रथम स्थान हासिल किया। दूसरी कक्षा में ख्याति, देवेन व सलोनी ने तथा पहली कक्षा में हर्षल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त प्री-प्राइमरी ग्रुप में केजी में रीतिका तथा नर्सरी में सुमित, अंकिता, तुषार, दीपेश, दीपाशी, शिवम, दीक्षा, अंकुश व अक्षित प्रथम रहे।

श्रीराम सैनी शिक्षक संघ के अध्यक्ष नियुक्त

झुंझुनूं। बड़ागांव के श्रीराम सैनी को दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ का सदर पहाडग़ंज क्षेत्र, दिल्ली का अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्रीराम सैनी श्रेष्ठ अध्यापक व दिल्ली निगम अवार्ड से सम्मानित हो चुके हें।

नृत्य स्पर्धा में छाए सैनी स्कूल के बच्चे

कुरुक्षेत्र। जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से बाल भवन में आयोजित समूह नृत्य प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में सैनी पब्लिक स्कूल कुरुक्षेत्र के विद्यार्थियों ने अपने सराहनीय प्रदर्शन से प्रथम स्थान प्राप्त किया।

जागृति मंच ने लगाया रक्तदान शिविर

होशियारपुर। सैनी जागृति मंच के अध्यक्ष कुलवंत सिंह सैनी ने शहीद करतार सिंह सराभा के शहीदी दिवस के अवसर पर मंच की तरफ से शहीदों को श्रद्धांजलि स्वरूप रक्तदान किया। उन्होंने शहीदों को समर्पित 50वीं बार रक्तदान किया। इस मौके पर कुलवंत सैनी ने कहा कि हर शख्स को रक्तदान को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
मंच के संस्थापक संदीप सैनी ने कहा कि कुलवंत सैनी के इस कदम से पूरी बिरादरी का मान बढ़ा है। उन्होंने शहीद करतार सिंह सराभा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे सच्चे देशभक्त थे। इस मौके पर शक्ति सिंह सैनी, जसवीर सैनी, अवतार सैनी, प्रेम सैनी, जसविंदर सैनी, यशपाल सैनी, अशोक सैनी, संतोष सैनी, संसार सैनी, केएस भट्टी, एडवोकेट सुच्चा सिंह समेत अन्य गणमान्य मौजूद थे।

कैलाशो सैनी से मिलीं स्वयंसेविकाएं

प्रेम सैनी
 
कुरुक्षेत्र। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत स्वयं सेविकाओं को अप्रैल 2008 से दिसंबर 2008 तक का मानदेय देने की मांग को लेकर स्वयं सेविकाओं ने कांग्रेस नेत्री कैलाशो सैनी को ज्ञापन सौंपा। बेरोजगार एकता दल की महासचिव रीना ने कांग्रेस नेत्री को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के तहत वैकल्पिक विद्यालय खोले गए थे, जो दिसंबर 2008 के बाद बंद कर दिया गए थे। इनमें नियुक्त स्वयं सेविकाओं को अप्रैल 2008 से लेकर दिसंबर 2008 तक वेतन नहीं दिया गया। इस समय के बीच यह आश्वासन देकर स्वयं सेविकाओं से काम वापस लिया गया कि बजट नहीं है। जैसे ही बजट होगा, एक मुश्त पूर्ण भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन दिसंबर 2008 के बाद आज तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया। कैलाशो सैनी ने स्वयंसेविकाओं को उनका मानदेय दिलवाने का भरोसा दिलवाया है।