मैंने कोई गलती नहीं की थी
मुम्बई। महाराष्ट्र के तेज तर्रार और सैनी बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले नेता छगन भुजबल को बीच में ही उप मुख्यमंत्री का पद छोडऩा पड़ा है। लिहाजा भुजबल इस सम्पूर्ण घटनाक्रम से नाखुश हैं। बहरहाल, उन्होंने कहा है कि राजनीति में इस तरह के उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। भुजबल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे समाज के पिछड़े और वंचित तबके के लिए काम करना जारी रखेंगे। पेश हैं खास अंश...
क्या आप उम्मीद कर रहे थे कि आपको महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के पद से हटाया जा सकता है?
यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि मेरी ओर से कोई गलती नहीं की गई है। मुझे महज एक साल के कुछ समय बाद पद से हटा दिया गया। न तो मैं आदर्श घोटाले में शामिल था, न ही इस तरह के किसी और घोटाले में। आदर्श हाउसिंग सोसाइटी के विवादास्पद आवंटन में अपने किसी परिचित या रिश्तेदार के लिए फ्लैट आवंटन हेतु सिफारिश भी नहीं की थी। बावजूद इसके पार्टी ने मुझे इस्तीफा देने को कहा। मैने पार्टी की सलाह मान ली। मैने अपने उत्तराधिकारी के रूप में अजित पंवार के नाम का प्रस्ताव किया और पार्टी के तमाम नेताओं ने इसका समर्थन किया। मैं बताना चाहता हूं जब मेरा नाम तेलगी स्टांप घोटाले में आया था तो भी मैने तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं था। तमाम जांच पड़ताल के बाद मैं निर्दोष साबित हुआ। मैने अपने राजनीतिक जीवन में अस्तित्व बनाए रखने के लिए हमेशा संघर्ष किया है और इसे मैं जारी रखूंगा।
आखिर हमेशा भुजबल ही क्यों निशाना बनते हैं, जबकि चुनावों में उनकी बहुत जरूरत महसूस की जाती है?सभी पार्टी सदस्य, खासकर चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशी चाहते हैं कि भुजबल उनके लिए प्रचार करें। वे जानते हैं कि भुजबल के साथ जनबल है, जो वोट दिलाता है। बहरहाल, उसके बाद वे अपने क्षेत्र में काम कराने के लिए अजित पवार की ओर देखते हैं। जब कांग्रेस विभाजित नहीं थी और जब एनसीपी का गठन हुआ, तबसे मैने लगातार पार्टी के लिए मेहनत की। इसे लेकर कोई विवाद नहीं है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि अविभाजित कांग्रेस में मैने हमेशा विपक्ष के नेता के तौर पर शिवसेना-भाजपा गठजोड़ के गुमराह करने वाली नीतियों का विरोध किया।
इसका मतलब है कि पार्टी के भीतर आपके साथ अन्याय हुआ है?मैं एक बार फिर कहना चाहता हूं कि मैने ऐसी कोई गलती नहीं की, जिसके लिए मुझे इस्तीफा देना पड़े।
तो फिर इतने अपमान के बाद सरकार में शपथ क्यों ली? पार्टी को मेरे योगदान के बारे में पता है। सिर्फ पार्टी के नेताओं के कहने पर मैने नए मंत्रिमंडल में रहने का फैसला किया।
क्या आपकी बिना कारण विदाई से पिछड़े वर्ग में गलत संदेश गया है?मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि पिछड़े और वंचित तबके का एक बड़ा वर्ग मेरे उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने से आहत हुआ है। बहरहाल, मैं उन लोगों के लिए प्रतिबद्ध हूं जो मेरे साथ काम कर रहे हैं। एक बात साफ है कि पार्टी को इस वर्ग से और लोगों को पार्टी से जोडऩे की जरूरत है।
भुजबल का भविष्य क्या है?मेरी कोई योजना नहीं है, लेकिन मैं पिछड़े वर्ग और समाज के अन्य वर्ग की बेहतरी के लिए संघर्ष करता रहूंगा। साभार बिजनेस स्टेंडर्ड
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