सोमवार, दिसंबर 06, 2010

एडीजीपी सुमेध सैनी की हत्या की साजिश का पर्दाफाश

फतेहगढ़ साहिब।  पंजाब के एडीजीपी सुमेध सिंह सैनी आतंकवादियों के निशाने पर थे और आतंकवादियों ने उनकी हत्या का षड्यंत्र भी रच लिया था। मगर इससे पहले की वे अपने षड्यंत्र को अंजाम तक पहुंचा पाते, पुलिस के हत्थे चढ़ गये। यह खुलासा स्वयं षड्यंत्रकारी आतंकवादियों ने रिमांड के दौरान पंजाब पुलिस के समक्ष किया है। यहां बता दें फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने बब्बर खालसा व भिंडरा वाला फोर्स के तीन आतंकियों को असला समेत गिरफ्तार किया था, जिनमें साहिब सिंह उर्फ जसमेल सिंह अर्शपाल सिंह उर्फ रछपाल सिंह व कुलविंदर सिंह शामिल थे। फतेहगढ़ एसएसपी रणबीर सिंह खटड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि साहिब सिंह उर्फ जसमेल सिंह ने एडीजीपी सैनी की हत्या के लिए चंडीगढ़ के नजदीकी गांव कांसल में उनके फार्म हाउस व उनकी रिहायश की निगरानी की थी। इससे पहले कि वे इस षड्यंत्र को आगे बढ़ा पाते, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उसने तरना दल के मुखी बाबा अजीत सिंह पूहला की हत्या के लिए जेल में पेट्रोल उपलब्ध करवाया था।

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