बुधवार, अक्टूबर 14, 2009

कंप्यूटर से फर्जी ड्राफ्ट बनाकर खरीदी गाड़ी

गाजियाबाद। स्थानीय पुलिस ने दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे बैंक में मात्र 500 रुपये का ड्राफ्ट बनवाते थे, फिर उसको कंप्यूटर के जरिये स्कैन करते थे और सॉफ्टवेयर के कमाल से उस ड्राफ्ट की राशि बदल देते थे। 500 रुपये के उसी ड्राफ्ट से वे 9-10 लाख रुपये का फर्जी ड्राफ्ट बना लेते थे। फिर फर्जी ड्राफ्ट से वे गाड़ी खरीदते थे। फर्जीवाड़े का पर्दाफाश न हो, इसके लिए वे गाड़ी की डिलिवरी उस दिन लेना चाहते थे, जिस दिन बैंक न खुला हो। एसपी सिटी ने बताया कि 2 अगस्त को श्रीनाथ मोटर्स से अमित सैनी और विनोद ने टाटा सफारी खरीदी। वे 9.83 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट देकर गाड़ी ले गए। जब कंपनी ने ड्राफ्ट बैंक में जमा किया तो पता लगा कि वह फर्जी है। कंपनी ने लिंक रोड थाने में मामला दर्ज कराया। जांच करने पर उनका पता भी फर्जी निकला। एजेंसी के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया था कि अमित सैनी ने खुद को एक मल्टीनैशनल कंपनी में ऊंचे पद पर बताया था। चूंकि वह अच्छी अंग्रेजी जानता था और उसने काफी ज्वैलरी पहनी हुई थी, इसलिए कंपनी के कर्मचारी उसके झांसे में आ गए थे। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर जब उन्होंने महाराजपुर बॉर्डर से थोड़ी दूर पर एक टाटा सफारी और इसमें सवार 4 लोगों को कब्जे में ले लिया तो उन्होंने अपने नाम अमित सैनी (साउथ एक्सटेंशन, दिल्ली), विनोद कुमार (विश्वास नगर, शाहदरा), योगेश महाजन (आनंद विहार) और उमेश चौहान (कृष्णापार्क एक्सटेंशन, दिल्ली) बताए। जांच में पता चला कि बरामद टाटा सफारी वही है, जो फर्जी डीडी देकर खरीदी गई थी।

साभार नवभारत टाइम्स

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें