मुद्दा : हरियाणा विधानसभा चुनाव में सैनी समाज की हिस्सेदारी का
राजेन्द्र सैनी / समाचार सम्पादक
रोहतक। हरियाणा विधानसभा चुनावों के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ होगा जब सैनी समाज के एक दर्जन से अधिक नेता बड़ी पार्टियों के टिकट हासिल करने में कामयाब हुए हो। इसे विपक्षी पार्टियों की मजबूरी कहिए या फिर हमारे नेताओं के बुलंद हौंसले कि वे इस बार कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी पार्टियों को अपना महत्व दिखाने में कामयाब रहे।
जहां तक टिकटों का सवाल है तो इस बार भाजपा ने सैनी समाज को सर्वाधिक 6, बसपा ने चार तथा इनेलो व हजकां ने दो-दो नेताओं को अपना प्रत्याशी बनाया है जबकि कांग्रेस ने महज एक टिकट सैनी बिरादरी को दी है। भाजपा ने हिसार से रवि सैनी, गोहाना से नत्था सिंह सैनी, नारायणगढ़ से नायब सैनी, जुलाना से जवाहर सैनी, हांसी से मामन सैनी तथा पेहवा से बलबीर सैनी को अपनी टिकट दे उन्हें चुनावी दंगल में उतारा है। बलबीर सैनी ने पिछली दफा भी पेहवा से चुनाव लड़ा था और वह महज 3653 वोटों के अंतर से कांग्रेस से हरमोहिंदर सिंह Chattha से पराजित हो गए थे जबकि रवि सैनी, नत्था सैनी व नायब सैनी पहली दफा चुनावी दंगल में ताल ठोक रहे हैं। बसपा ने लाड़वा से शशि सैनी, जींद से रमेश सैनी, नारनौल से पुरुषोत्तम सैनी तथा रोहतक से फौजी बलवान सैनी को अपनी टिकट प्रदान की है। इनमें से Shashi Saini चुनाव ki purani खिलाड़ी हैं जबकि रमेश, पुरुषोत्तम व बलवान का यह पहला विधानसभा चुनाव है। इसी तरह इनेलो ने पूर्व विधायक डा. बिशन सिंह सैनी को रादौर तथा भानाराम सैनी को नारनौल से अपना प्रत्याशी बनाया है जबकि हजकां ने पूर्ण प्रकाश सैनी को अम्बाला सिटी तथा रामनिवास राड़ा को हिसार सीट से टिकट दी है। इसके अलावा कांग्रेस ने पूर्व सांसद कैलाशो सैनी को लाड़वा हलके से अपनी उम्मीदवार बनाया है जबकि पूर्व विधायक साहिब सिंह, पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी व अतर सिंह सैनी कांग्रेस टिकट हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाए। कांग्रेस टिकट पर पिछला चुनाव हार चुके सफीदो से कर्मवीर सैनी अपनी टिकट बरकरार नहीं रख पाए।
गुरुवार, अक्टूबर 15, 2009
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