बुधवार, सितंबर 02, 2009

सम्पादक की कलम से

फिर कसौटी पर हैं नेता व राजनीतिक दल

विधानसभा चुनाव की तारीख तय होते ही सैनी समाज की नजर एक बार फिर अपने नेताओं पर आकर टिक गई है। सैनी समाज से जुड़ी गतिविधियों में दिलचस्पी रखने वाले हर एक शख्स के जेहन में अब यही सवाल कौंध रहा है कि राजनीतिक पार्टियां इस बार हमारे समाज के कितने नेताओं को टिकट देकर उन्हें विधानसभा जाने का मौका प्रदान करेगी। जहां तक टिकटों की बात है तो इस दफा पिछली बार के मुकाबले सैनी नेताओं को पार्टी टिकट मिलने के आसार ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। गत चुनावों में जहां भाजपा, कांग्रेस व बसपा ने सैनी बिरादरी के नेताओं को टिकट प्रदान किया था, वहीं इस बार इनके साथ हरियाणा जनहित कांग्रेस व इनेलो पार्टी से भी सैनी नेताओं को टिकट मिलने की पूरी सम्भावना है। लिहाजा बिरादरी के नेताओं के पास फिर एक मौका अपनी काबिलीयत और नेतृत्व क्षमता का परिचय देने का है। जिसका फायदा महज उसी सूरत में उठाया जा सकता है जब हम टांग खिंचाई की अपनी पुरानी आदत को छोड़ टिकट मिलने के आसार जिस भी नेता के अधिक हो, उसे स्पोट करें क्योंकि बड़े राजनीतिक दलों का टिकट मिलना चुनावी जंग की पहली बाधा पार करने के समान है। खैर देखते हंै इस बार हमारे कितने नेता टिकट हासिल करने में कामयाब होते हैं, मगर इससे इस बात का अहसास अवश्य हो जाएगा कि हमारे नेता एवं उनके राजनैतिक दल सैनी बिरादरी की कसौटी पर खरे उतर पाते हैं या नहीं।


चन्द्रप्रकाश सैनी, सम्पादक

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें