मंगलवार, जून 23, 2009

IAS में मुकेश सैनी ने पाया 551वां स्थान

जयपुर. आईएएस परीक्षा इस बार 21 राजस्थानी सफल हुए हैं। संख्या बढ़ भी सकती है। इनमें से ज्यादातर ने लगातार संघर्ष किया और तीसरे-चौथे प्रयास में सफल हुए। नायब तहसीलदार बीकानेर के विपुल उज्ज्वल का देश में 14वां स्थान है। जयपुर में आबकारी निरीक्षक रमेश वर्मा का 41वां स्थान है। राज्य की तीन छात्राएं चुनी गई हैं। सफल छात्रों में जयपुर निवासी राजकुमार यादव (164), अलवर के जीडी कॉलेज में व्याख्याता डॉ. अजयसिंह राठौड़, (176) जोधपुर बिंजवाडिया के पारसमल सांखला (246), मथानिया के राजेश परिहार (247), जयपुर शाहपुरा के वीरेन्द्र यादव, (264), जयपुर की ही श्वेता श्रीमाली (312) और रामनिवास यादव (383) हैं। इनके अलावा पाली की रचना पोद्दार (484), सांचौर में एसडीएम भैंयाराम चौधरी (432), एसआई ओमप्रकाश (532), जयपुर निवासी मुकेश कुमार सैनी (551), चूरू के लोहिया कॉलेज में कार्यरत डॉ. मनीष गोदारा (571), जयपुर (शाहपुरा) के संजय कुमार सैन (611), दिनेश बड़गूजर (648), करौली के शशिकुमार मीणा, (670), अलवर राजगढ़ की अनिता (671), बानसूर के सुरेन्द्र कुमार (690), सवाई माधोपुर बामनवास के चरणसिंह मीणा (697), करौली नादौती के रामेश्वर मीणा (744) और बगड़ झुंझनूं के अरविन्द कुमार मीणा (778) है। इनमें से ज्यादातर ग्रामीण परिवेश से है। कई ने तीन से चार बार के प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण की है। गांवों ने दिए ज्यादा आईएएस आज भी खेतीबाड़ी मुख्य व्यवसाय जयपुर. भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित ज्यादातर छात्र ग्रामीण परिवेश से निकले हुए हैं। कुछ के माता-पिता तो आज भी खेतीबाड़ी करते हैं लेकिन शिक्षा के महत्व को सभी ने पहचाना। बस उनकी एक ही इच्छा थी कि बेटा देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा में आकर समाज और देश की सेवा करें। भास्कर ने इन चयनित छात्रों से बातचीत की तो सभी का कहना था कि उनकी प्राथमिकता जनता के दुख दर्द दूर करना होगी। जनता को सरकारी सहायता का पूरा लाभ मिले। इसके लिए वे पूरे प्रयास करेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके तेवर तीखे थे। पुलिस सेवा पहली पसंद : अजयसिंह राठौड़ चयनित हुए अजयसिंह राठौड़ का कहना था कि भ्रष्टाचार देश को खोखला कर रहा है। आज भी गांवों में लोग अपनी रिपोर्ट लिखाने थाने तक नहीं जा पाते। राठौड़ का 176 वां स्थान है। अलवर के जीडी कालेज में व्याख्याता के पद पर कार्यरत राठौड़ के पिता कामां (भरतपुर) स्थित गांव बिलोंद में खेतीबाड़ी करते हैं। उन्होंने यह परीक्षा चौथे प्रयास में उत्तीर्ण की है। ईमानदारी से योजना लागू होंगी शाहपुरा के लोचूकाबास निवासी वीरेंद्रसिंह यादव का 264वां स्थान है। चौथे प्रयास में उनका यह दूसरा चयन है। पिछली परीक्षा में यादव का 654वां स्थान था। पिता हनुमान सहाय यादव राजस्थान रोडवेज में परिचालक के पद पर कार्यरत हैं। वीरेंद्र का कहना है कि सभी अपने उत्तरदायित्वों का ठीक प्रकार से निर्वहन करें तो कोई समस्या ही नहीं रहेगी। वे इसी दिशा में काम करने का प्रयास करेंगे। विकासपरक कार्यक्रमों की प्राथमिकता जयपुर के मालवीय नगर सेक्टर 6 निवासी मुकेश कुमार सैनी का 551वां स्थान है। तीसरे प्रयास में सफल हुए सैनी के पिता डीएल सैनी राजकीय कॉलेज चिमनपुरा में उपप्राचार्य हैं। मुकेश अपनी सफलता का श्रेय पिता व भाइयों को देते हैं। सेवा में आने के बाद उनका मुख्य उद्देश्य देश के विकासपरक कार्यक्रमों को पूरी तरह से क्रियान्वित करना होगा।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें