मंगलवार, जून 23, 2009
निराशाजनक रहा रामकिशोर सैनी का प्रदर्शन
जयपुर। लोकसभा चुनाव परिणाम में राज्य सरकार के मंत्रियों का प्रदर्शन देखें तो सरकार के पांच मंत्री इस परीक्षा में फेल हो गए। ये मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्रों में अपनी पार्टी के प्रत्याशी को बढत नहीं दिला सके। इनमें डॉ. जितेन्द्र सिंह जैसे केबिनेट मंत्री भी शामिल हैं। इनके अलावा अमीन खां और भरोसीलाल जाटव जैसे मंत्री भी पार्टी प्रत्याशियों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बढत नहीं दिला सके। निर्दलीय खेमे से मंत्री बने रामकिशोर सैनी और परसादी लाल मीणा चूंकि कांग्रेस के लिए काम कर रहे थे, इसलिए उनका प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा। इनके अलावा सरकार के तीन मंत्री सप्लीमेंट्री भी रहे। ये वे मंत्री हैं, जिनके क्षेत्रों में उनके पार्टी प्रत्याशी को बढत तो मिली, लेकिन वे विधानसभा चुनाव में स्वयं को मिली बढत से उसे बढा नहीं सके। जैसे सबसे प्रतिष्ठापूर्ण लडाई लड रहे राज्य मंत्री प्रमोद जैन भाया जब खुद अंता से जीते तो 29 हजार से ज्यादा वोटों से विजयी रहे थे, लेकिन अपनी पत्नी और पार्टी प्रत्याशी उर्मिला जैन को सिर्फ 804 वोटों की बढत दिला सके। कुछ ऎसा ही शिक्षा मंत्री मास्टर भंवरलाल और महेन्द्र जीत सिंह मालवीय के साथ हुआ। सबसे अच्छा प्रदर्शन सबसे अच्छा प्रदर्शन किया सरकार के पांच मंत्रियों ने। इनमें बृजकिशोर शर्मा का नाम उल्लेखनीय है, जिन्होंने जयपुर जैसे भाजपा के गढ में खुद 580 वोट की जीत हासिल की, लेकिन पार्टी प्रत्याशी को 12 हजार से ज्यादा की बढत दिलाई। इनके अलावा रामलाल जाट, हेमाराम चौधरी, महिपाल मदेरणा और राजेन्द्र पारीक भी ऎसे मंत्री रहे, जिन्होंने पार्टी प्रत्याशी को खुद के मुकाबले 15 हजार से ज्यादा वोटों से जिताया।
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hamare yahan to aisa nahi huya.narayan narayan
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