मंगलवार, जून 23, 2009

सुस्ती और याददाश्त में कमी, थाइरॉइड चेक कराएं : सैनी

क्या आपको भूलने की बीमारी है? क्या आपको मानसिक तनाव की शिकायत है? ऐसा क्यों हो रहा है, किसी को समझ नहीं आ रहा?
यदि वास्तव में यह समस्या है तो आपको थाइरॉइड की दिक्कत हो सकती है। थाइरॉइड दो तरह का होता है- हाइपो और हाइपर। सैनी डायग्नोस्टिक लैब के एमडी डॉ. नरेन्द्र सैनी ने बताया: हाइपो में वजन बढ़ने लगता है और भूख कम लगती है। हाथ- पांव में सूजन आ जाती है। मरीज सुस्ती और सर्दी से परेशान रहता है। उसका किसी काम में मन नहीं लगता। कभी-कभी मासिक स्त्राव और याददाश्त में कमी हो सकती है। डॉ. सैनी के मुताबिक: इसके उलटे हाइपर में मरीज का वजन कम हो जाता है और भूख ज्यादा लगती है। मानसिक तनाव की शिकायत होती है। एकाग्रता में कमी, धड़कन और बीपी बढ़ने की शिकायत हो जाती है। डॉ. लाल पैथ लैब की कार्यकारी निदेशक डॉ. वंदना लाल कहती हैं: हाइपोथाइरोडिज़म ऐसी स्थिति है, जब थाइरॉइड हार्मोन का स्त्राव बहुत ही कम मात्रा में होता है। ऐसी स्थिति में शरीर में भोजन की ऊर्जा को रासायनिक प्रक्रिया में बदलने की गति धीमी हो जाती है। आमतौर पर यह बीमारी पकड़ में नहीं आती। इसके लक्षणों को अन्य रूप में लिया जाता है। डॉ. लाल ने कहा: यदि महिलाओं में कमजोर याददाश्त की शिकायत होती है तो उन्हें जल्द ही किसी लैब से हार्मोन की जांच करानी चाहिए। यदि बीमारी पकड़ में आ जाए तो इलाज बेहतर ढंग से हो सकता है। बच्चों में भी यदि सुस्ती हो तो थाइरॉइड की जांच कराकर उनकी बीमारी का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
साभार- सांध्य टाइम्स

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