चार-पांच बड़े वाहनों में भरकर आए थे करीब तीन दर्जन हमलावर
जयपुर। सांगानेर थाना इलाके के डिग्गी रोड पर मंदिर के लिए खाली छोड़े गए प्लाट पर हथियारबंद गिरोह के कब्जे की असफल कोशिश के बाद विगत 6 मई की सुबह चार-पांच बड़े वाहनों में भरकर आए 30-40 लोगों ने सैनी परिवार के सदस्यों पर हमला बोल दिया। इस अप्रत्याशित घटना में एक दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों का सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार किया गया, जहां लम्बी मशक्कत के बाद घायलों की जान बचाई जा सकी। लोगों का कहना है कि मंदिर के लिए सैनी परिवार द्वारा खाली छोड़े गए भूखंड पर पुलिस की मिलीभगत से बाहुबली लठैत पिछले काफी समय से नजरें गड़ाए हुए थे। पांच-छह दिन पहले भी इन लठैतों ने कब्जे का प्रयास किया था, जिसे विफल कर दिया गया था। बावजूद इसके बाहुबली इस भूखंड पर कब्जा करने पर उतारू है। यह भूखंड मालपुरा गेट से आगे डिग्गी रोड पर खाली पड़ा हुआ है। इसे सैनी समाज का एक परिवार अपना बताते हुए मंदिर के लिए छोडऩे की बात कह रहा है मगर यह बात बाहुबलियों को नागवारा है। यही वजह है कि एक सुनियोजित योजना के तहत घटनावाले दिन सुबह करीब पौने पांच बजे 30-40 हथियारबंद लोग चार-पांच गाडिय़ों में भरकर आए और घर में सो रहे सैनी परिवार के लोगों पर लाठी, बैल्ट और सरियों से ताबड़ तोड़ हमला शुरु कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। घटना के शिकार सैनी परिवार के लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर आए मगर तब तक केसूलाल सैनी (50), ईश्वरलाल सैनी (50), बिरधीचंद सैनी (23), गोविन्द सैनी (35), रामरुप सैनी (40), बिरधी देवी (25), लल्लू प्रसाद (22) खून से लथपथ पड़े हुए थे और चारों तरफ चीख पुकार का क्रन्दन मचा हुआ था। वारदात की इत्तला तत्काल थाना पुलिस को दी गई मगर तब तक हमलावर घटना को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। कुछ समय बाद पुलिस मौके पर पहुंची और वहां से40 लाठियां बरामद की। सैनी परिवार का कहना है कि पुलिस हमलावरों से मिली हुई है इसलिए वह जानबूझकर इस ओर कोई कड़ा कदम नहीं उठा रही है।
शनिवार, जून 12, 2010
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