डायमंड की खातिर की गई थी सैनी जौहरियों की हत्या
विनोद सैनी
हमारे संवाददाता
बीकानेर। जयपुर के तीन सैनी जौहरियों के ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। हत्यारे कोई नहीं, बल्कि तीन भाई थे, जिन्होंने डायमंड की खातिर ही इन हत्याओं को अंजाम दिया। इनमें दो सगे व तीसरा फुफेरा भाई है। पुलिस ने इनसे पास से लाखों रुपए के डायमंड पोलकी भी बरामद कर लिए हैं। तीनों की मोबाइल फोन की कॉल डिटेल ने पुलिस का काम आसान कर दिया। पुलिस महानिरीक्षक दलपत सिंह दिनकर ने बताया कि जयपुर निवासी चाचा-भतीजे जौहरी सूरज सैनी व मुकेश सैनी तथा शैलेष गुजराती की हत्या के आरोप में सरदारशहर निवासी दीनदयाल सोनी उर्फ दिनेश तथा इसके सगे भाई दिलीप सोनी व बुआ के लड़के मोमासर निवासी गजानंद सोनी को गिरफ्तार किया गया है। दिनकर ने बताया कि तीनों जौहरी सरदार शहर में आभूषण व्यवसायियों को डायमंड सप्लाई करते थे। यहां के कई सुनार यह जानते थे कि ये तीनों लाखों रुपए के डायमंड ले कर आते हैं। इन्हीं में से एक दीनदयाल सोनी ने अपने सगे भाई के साथ मिल कर इनकी हत्या का षडय़ंत्र रचा। सोनी ने इनसे जान-पहचान भी बढ़ा ली थी। इसकी पुष्टि उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से भी हुई है । विगत 24 सितम्बर को तीनों जौहरी अपना माल बेचने सरदार शहर आए थे व दो दिन के लिए शांति पैलेस होटल में ठहरे थे। इधर दीनदयाल भी सतर्क हो गया था। उसने अपने एक मित्र से राईनो कार ली और तीनों को दोपहर करीब अढ़ाई बजे अपने घर ले गया। जहां तीनों को कॉफी पिलाई गई। कॉफी दीनदयाल के भाई दिलीप सोनी ने बनाई व इसमें नशे की गोलियां पीसकर मिला दी। जब ये सभी कॉफी पी रहे थे तब दीनदयाल ने सूरज से माल दिखाने के लिए कहा। इस पर शैलेष ने अपने शर्ट से चैन लगी प्लास्टिक की थैली खोल कर पोटली में रखे डायमंड दिखाए। थोड़ी देर बाद ही नशा अधिक होने के कारण तीनों वहीं अचेत होकर गद्दे पर गिर पड़े। उनमें से शैलेष की अधिक नशे के कारण मृत्यु हो गई जबकि सूरज व मुकेश की सांसें चल रही थी। इसलिए आरोपियों ने उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी। रात करीब दो बजे वे तीनों की लाशों को ठिकाने लगाने के लिए रवाना हुए। तब इन्होंने फुफेरे भाई गजानंद सोनी को भी साथ ले लिया। अलग-अलग स्थानों पर लाशों को फेंक कर उनके चार मोबाइल फोन गिड़गिचीया रोड पर सड़क किनारे घास फूस डालकर जला दिए। ये मोबाइल अर्धजली अवस्था में पुलिस ने बरामद कर लिए है। बाद में इन्होंने कार को धुलवाया व वापस पातलीसर निवासी अपने दोस्त को लौटा दिया। पुलिस ने जब मृतकों की काल डिटेल कर जांच शुरू की तो हत्या का खुलासा होने में देर नहीं लगी।
बुधवार, नवंबर 03, 2010
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