सोमवार, मई 10, 2010

कनाड़ा की क्रिकेट राजनीति में मचा घमासान

रंजीत सैनी पर शिकंजा कसने का प्रयास

टोरंटो। कनाडा क्रिकेट अभी बाल अवस्था में ही है लेकिन भारतीय क्रिकेट राजनीति का असर वहां पर भी स्पष्ट है। कनाड़ा क्रिकेट के नए अध्यक्ष रंजीत सैनी ने अभी पद संभाला ही है कि वहां के करीब छह दशक पुराने मैपल लीफ क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष पंडित महाराज ने पुलिस को शिकायत दी है कि क्लब के करीब 150 चैक गायब हैं और क्लब के 1 लाख 25 हजार डॉलर का भी हिसाब किताब नहीं मिल रहा है। निशाने पर क्रिकेट कनाडा के नए अध्यक्ष रंजीत सैनी है जो कि वर्ष 2007 से 2009 के मैपल लीफ क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष रह चुके हैं। कनाडियन क्रिकेट में भारतीय मूल के खिलाडिय़ों का सर्वाधिक प्रभाव है और क्रिकेट प्रशासन भी भारतीयों के ही पास है। ऐसे में क्रिकेट राजनीति में भी भारतीय रंग चढऩे लगा है।
कनाडा में क्लब स्तर पर क्रिकेट का प्रसार करने वाले 56 वर्ष पुराने क्रिकेट क्लब मैपल लीफ क्रिकेट क्लब, किंग सिटी के वर्तमान अध्यक्ष पंडित महाराज ने यार्क पुलिस को शिकायत दी है कि क्लब का करीब एक लाख 25 हजार डॉलर घपलेबाजी कर गायब कर दिया गया है। अब पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है क्लब के खातों में गड़बड़ी कर यह पैसा गायब किया गया है। क्लब के करीब 150 चैक भी चैक भी चोरी किए गए हैं और बैलेंस शीट में भी यह घपला उजागर नहीं होने दिया गया है। स्थानीय पुलिस प्रवक्ता सार्जेट लोरी पर्कर्स का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है।
वहीं मैपल लीफ क्लब के वर्तमान अध्यक्ष पंडित महाराज का कहना है कि जांच से ही यह पता लगेगा कि आखिर क्लब का पैसा कैसे और किसने गबन किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने वेतन, रखरखाव और अन्य खर्च के लिए करीब 30 हजार डॉलर का पर्सनल कर्ज भी लिया है ताकि क्लब का कामकाज चलता रहे। वहीं वर्ष 2007 से 2009 तक क्लब के अध्यक्ष रहे रंजीत सैनी का कहना है कि वह किसी भी वित्तीय गड़बड़ी के लिए जिम्मेवार नहीं हैं। वे 28 अप्रैल, 2009 तक क्लब के अध्यक्ष रहे और तब तक क्लब के पास बैंक में 30 हजार डॉलर थे और बैंक ने करीब 28 हजार डॉलर लोगों से लेने थे। बल्कि वे तो खुद अपनी जेब से करीब 7800 डॉलर क्लब के विभिन्न बिलों के लिए अदा कर चुके हैं। सैनी के अनुसार यह गड़बड़ी 2008 में नहीं बल्कि 2009 में हुई है। क्लब के पास पैसे की कमी कभी नहीं रही। ऐसे में कैसे कोई उन पर आरोप लगा सकता है। यह मुझे बदनाम करने के लिए राजनीतिक साजिश है। सैनी और महाराज का कहना है कि ओंटारियो क्रिकेट एसोसिएशन को वर्ष 2006 में करीब 10 लाख डॉलर की सरकारी ग्रांट मिली थी, जिसमें चार लाख डॉलर उनके क्लब में निवेश किया गए। उसी रकम में से गड़बड़ी की गई है। यहां बता दें क्रिकेट अभी भी कनेडा में पांव जमाने की कोशिश कर रहा है लेकिन इस प्रकार के विवाद उसे बदनाम कर रहे हैं। टोरंटो को कनेडा की क्रिकेट राजधानी कहा जाता है और यहां 200 से अधिक टीमें हैं।

साभार- दैनिक जागरण

रावतमल सैनी अध्यक्ष नियुक्त

सरदारशहर। अणुव्रत समिति सरदारशहर की बैठक अध्यक्ष रावतमल सैनी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। नवगठित कार्यकारिणी में रावतमल सैनी को अध्यक्ष मनोनीत किया गया जबकि शिवभगवान सैनी कार्यकारी समिति के सदस्य नियुक्त किए गए।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें