राजबीर सैनी
हमारे संवाददाता
भिवानी। भिवानी से लोकसभा सांसद श्रुति चौधरी ने कहा कि महात्मा ज्योति बा फूले ने विपरित परिस्थितियां होने के बावजूद शिक्षा के विकास एवं उत्थान में जो अहम योगदान दिया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
वे विगत 11 अप्रैल को स्थानीय नेहरू पार्क में आयोजित महात्मा ज्योति बा फूले जयंति समारोह में उपस्थित सैनी समाज के लोगों को बतौर मुख्यातिथि सम्बोधित कर रही थी। यह समारोह सैनी कल्याण परिषद के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। समारोह के विशिष्ट अतिथि के तौर पर नगर परिषद की अध्यक्षा सेवा देवी तथा महंत सागरनाथ मौजूद थे।
श्रुति चौधरी ने कहा कि ज्योति बा फूले एक महान व्यक्तित्व के धनी थे, जिन्होंने जीवन पर्यंत दलितों व पिछड़े वर्ग के लिए समाज में बदलाव लाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ऐसी महान हस्तियां जीवन में कभी कभार ही पैदा होती है। श्रुति ने कहा कि दलितों व पिछड़ों के साथ-साथ महात्मा ज्योति बा फूले ने महिलाओं के उत्थान के लिए जो योगदान दिया है, उसे भी कभी भुलाया नहीं जा सकता। महंत सागरनाथ ने कहा कि ज्योति बा फूले ने सबसे पहले अपनी स्त्री को पढ़ाया, जो उस समय हिंदुस्तान की पहली महिला अध्यापिका बनीं।
सैनी कल्याण परिषद के प्रधान ओमप्रकाश सैनी ने बताया कि सैनी समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा से मिलेगा और उनसे महात्मा ज्योति बा फूले की प्रतिमा हरियाणा शिक्षा बोर्ड के परिसर में लगवाने की मंाग करेगा। इस अवसर पर महंत सागरनाथ, परमानंद सैनी तथा राष्ट्रपति बहादुरी अवार्ड जीतने वाले गौरव सैनी को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मा. मनोज, रामकुमार जमालपुरिया, चिरंजी लाल सैनी, सुरेश चंद्र सैनी तथा दयानंद सैनी ने सैनी समाज की होनहार व प्रतिभावान लड़कियों तथा घीसाराम सैनी, उमेद सैनी, राजकुमार सैनी, भूप सिंह सैनी, कैलाश चंद्र सैनी ने सैनी समाज के उभरते खिलाडिय़ों को सम्मानित किया। समारोह में राजबीर सैनी, सुरेश चंद्र सैनी, राकेश सैनी, राजकुमार, सुभाष तुंदवाल, अजय सैनी, राजेश सैनी, मा. रामपाल, दयानंद सैनी, राकेश बग्गीवाला, सुनील सैनी, बलवंत सैनी, नवीन सैनी समेत सैनी समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे।
समारोह के दौरान महात्मा ज्योतिबा की प्रतिमा को नमन करतीं सांसद श्रुति चौधरी। सैनी संवाद

महात्मा ज्योति बा फूले सैनी बिरादरी के भगवान थे, जिन्होंने सैनी समाज के साथ-साथ अन्य पिछड़ी जातियों के उत्थान में अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। ऐसी महान शख्सियतों को हमें याद रखना चाहिए।
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