मेरठ। बैंक का चेक डिसऑनर होने के मामले मे एसीजेएम ने आरोपी सारिका सैनी को चेक का भुगतान न करने का दोषी ठहराते हुए उसे तीन माह के कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। अदा राशि में से 90 हजार रुपये परिवादी को प्रतिकर के रुप में दिये जायेंगे।
शुक्रवार, मई 06, 2011
चेक डिसऑनर होने पर सारिका सैनी को तीन माह की कैद
मेरठ। बैंक का चेक डिसऑनर होने के मामले मे एसीजेएम ने आरोपी सारिका सैनी को चेक का भुगतान न करने का दोषी ठहराते हुए उसे तीन माह के कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। अदा राशि में से 90 हजार रुपये परिवादी को प्रतिकर के रुप में दिये जायेंगे।
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