शुक्रवार, मई 06, 2011

खंडेला गांव के लोगों ने मांगें मनवाने हेतु अपनाया नया तरीका


मोबाइल टावर पर चढ़कर मनवाईं मांगें
खंडेला। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पदों को भरने समेत कई अन्य मांगों को मनवाने के लिए स्थानीय पार्षद प्रशांत सैनी समेत दो लोग मोबाइल टावर पर चढ़ गए। साथ ही चेतावनी दे डाली कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे आग लगाकर टावर से कूदने में परहेज नहीं करेंगे। यह आत्मघाती चेतावनी पाकर जिला प्रशासन हरकत में आ गया। इस दौरान कस्बे के बाजार बंद कर दिए गए और स्थानीय लोगों ने मार्ग जाम रखा। करीब साढ़े आठ घंटे तक वार्ता और समझाइश का दौर चलने के बाद प्रशासन ने मांगें मान ली तब कहीं जाकर टावर पर चढ़े दोनों लोग नीचे उतरे। जानकारी के मुताबिक, राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फिजीशियन समेत अन्य रिक्त पद भरने, 50 बेड की स्वीकृति करने और 108 एंबुलेंस लगाने की मांग को लेकर भारतीय सेवा संगठन के पदाधिकारी दो दिन से अस्पताल के बाहर आमरण अनशन पर बैठे थे। परंतु जिला प्रशासन उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। प्रशासन को हरकत में लाने के लिए धरने पर बैठे लोगों ने एक नायाब तरीका अपनाया और इस तरीके को क्रियान्वित करते हुए वार्ड नंबर 12 के पार्षद प्रशांत सैनी और वार्ड नंबर 11 की पार्षद गीता देवी का बेटा रामू इंदौरिया अस्पताल के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गए। साथ ही यह चेतावनी दे डाली की यदि शाम चार बजे तक प्रशासन ने मांगें नहीं मानी तो खुद को आग लगाकर टावर से कूद जाएंगे। इसकी जानकारी मिलने पर कस्बे का माहौल गर्म हो गया। सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हो गए और कस्बा बंद करने का आह्वान कर दिया। साथ ही लोगों ने पलसाना, उदयपुरवाटी और जयपुर रोड जाम कर दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम राधे प्रताप सिंह, सहायक कलेक्टर हजारीलाल, सीओ नीमकाथाना दिलीप सैनी, सीएमएचओ डॉ बीएल सैनी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीकर से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलवा लिया गया। दोपहर डेढ़ बजे तक अनशनकारियों और प्रशासन के बीच चली वार्ता के बाद मांगें मान ली गईं। तदोपरांत केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन हनुमान सिंह ने जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। इसके बाद टावर पर चढ़े दोनों युवक नीचे उतरे। मांगे पूरी होने पर कस्बे में विजय जुलूस निकाला गया। टावर पर चढ़े युवकों के लिए पुलिस उपाधीक्षक दिलीप सैनी ने पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं करने का आश्वासन दिया। उनका कहना था चूंकि लोगों के समझाने पर दोनों लोग टावर से उतर गये हैं लिहाजा उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने का कोई तुक ही नहीं बनता।

सफेदे के पेड पर चढ़े अवतार सिंह
जीरकपुर/मनीमाजरा (विनोद सैनी)। सरकारी भूमि पर हुए कब्जे को छुड़वाकर इसे स्थानीय लोगों को देने की मांग को लेकर अवतार सिंह नगला (सैनी) सफेदे के पेड पर चढ़ गये और चेतावनी दी कि वे तब तक इस पेड़ से नहीं उतरेंगे जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जाती। अवतार सिंह काफी मात्रा में खाद्य सामग्री भी अपने साथ लिये हुए थे ताकि भूख लगने पर उसका सेवन कर वह वहीं जमे रह सकें। खास बात तो यह है कि पंजाब सैनी कल्चर सोसायटी के साथ-साथ अनेक राजनैतिक एव गैर-राजनैतिक संगठनों के नुमाइंदों ने मौके पर पहुंचकर अवतार को पेड़ से उतरने की गुजारिश की मगर वे टस से मस नहीं हुए। पंजाब सैनी कल्चरल और सभ्याचार सोसायटी के प्रदेश प्रधान हरभाग सिंह देसूमाजरा ने बताया कि सैनी समाज के प्रदेश प्रधान होने के नाते वह अवतार नगला को समझा कर पेड़ से उतारने के लिए यहां आये थे लेकिन अवतार नगला ने उनकी बात को नहीं माना। उन्होंने कहा कि अवतार नगला ने संघर्ष का जो रास्ता अपनाया है, वह गलत है। इस मौके पर उन्होंने अवतार सिंह नगला के बच्चों की पढ़ाई का खर्च सैनी समाज की ओर से करने का भी भरोसा दिया। उनके साथ कामरेड जसवंत सिंह, चरण सिंह , बेअंत सैनी, हरदीप, गुरप्रीत, संत सिंह व मनजीत सिंह सैनी भी उपस्थित थे।

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