शुक्रवार, मई 06, 2011

ब्याज सहित मिलेंगे रामशरण सैनी को ठगे गये दस लाख


बहादुरगढ़। अगर आपके के साथ लाखों रुपए की ठगी हो जाए, तो आपकी क्या हालत होगी और इसके विपरीत अगर ठगी की रकम मिल जाए तो कैसा महसूस होगा। इसकी व्यवहारिक जानकारी परनाला गांव के रामशरण सैनी बखूबी दे सकते हैं क्योंकि उनके साथ हुई ठगी के दस लाख रुपए से ज्यादा की राशि ब्याज समेत बैंक ने सशर्त लौटा दी है। लगभग छह माह तक सरकारी कार्यालयों में चक्कर लगाने के बाद एसबीआई ने रामशरण को 10 लाख 80 हजार रुपये के अलावा 18 हजार रुपए ब्याज समेत लौटा दिए हैं। ठगी गई रकम मिलने के बाद सैनी और उसके परिवार ने राहत की सांस ली है। हालांकि सैनी का यह भी कहना है कि इतने माह तक उसका जो मानसिक शोषण हुआ है। वकील की फीस गई है। उसका हिसाब भी उसे बैंक द्वारा मिलना चाहिए। वैसे सैनी ने हरासमेंट पर एक लाख रुपए मुआवजा देने की याचिका दायर कर रखी है । अपनी ठगी गई रकम पाने के लिए सैनी ने बैक मुख्यालय, पुलिस, लोकल प्रशासन, आरबीआई, केंद्रीय वित्त मंत्री, सांसद, विधायक, उपभोक्ता न्यायालय और मानवीय अधिकार को भी कई पत्र लिखे। सभी तरफ से आने वाले दवाब के कारण ही एसबीआई ने जांच जारी रहते हुए पीडि़त की ठगी गई रकम देने में ही भलाई समझी। एक अन्य मामले में सैनी ने पिछले छह माह से अपनी पेंशन भी बैंक द्वारा नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है।
यहां बता दें कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग चंडीगढ़ से सेवानिवृत्त रामशरण सैनी एक नवंबर 2010 को रेलवे रोड स्थित एसबीआई की शाखा में गया और 10 हजार रुपए निकाले। उसने जब बैलेंस चेक किया तो पैरों के नीचे जमीन खिसक गई। उसके खाते से 10 लाख अस्सी हजार रुपए निकाले जा चुके थे। इस ठगी के बार में जब उसने बैंक प्रबंधन को सूचित किया तब हड़कंप मचा। जांच में पता चला कि यह रकम तीन बार में निकाली गई है। 27 अक्टूबर को 45 हजार, 28 अक्टूबर को 5 लाख 65 हजार और 29 अक्टूबर वर्ष 2010 को 4 लाख 70 हजार रुपए निकले हैं। बैंक प्रबंधन ने पहले तो इस मामले को सैनी के पाले में डाल दिया चंूकि बाउचर पर हस्ताक्षर करके रकम निकाली गई थी। जब सैनी ने हंगामा खड़ा किया, मीडिया सामने आया। तब बैंक ने ठगी का केस पुलिस के हवाले कर दिया। सिटी थाना पुलिस ने दस दिन के हंगामे के बाद 10 नवंबर को मामला दर्ज किया। हालांकि पुलिस की ओर से अब तक इस प्रकरण में बैंक को कोई राहत नहीं मिल सकी है। बैंक ने सीसीटीवी कैमरे से ठग के फुटेज देकर यह भी बताया था कि बहादुरगढ़ में ठगी करने वाला ही रेवाड़ी और रोहतक में भी ऐसे ही हस्ताक्षर से पैसा निकाल चुका है।

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