रोहतक। हथियारबंद पांच युवकों ने गढ़ी मोहल्ला वासी कृष्ण सैनी पर विगत 30 मार्च को स्थानीय पुरानी सब्जी मंडी चौक पर दिन-दहाड़े गोली बरसा कर उसे घायल कर दिया। कृष्ण को पीजीआईएमएस में भर्ती करवाया गया है, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जाती है। मिठाई का कारोबार करने वाला कृष्ण सैनी घटना वाले दिन सुबह करीब 11 बजे अपनी पिकअप जीप लेकर घर लौट रहा था। जैसे ही वह सब्जीमंडी चौक पर पहुंचा तो पांच युवकों ने उसे रोक लिया और उस पर गोलियां बरसा दी। कृष्ण को एक गोली गर्दन और दूसरी हथेली पर लगी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर भागने में कामयाब हो गए जबकि कृष्ण को लहूलुहान हालत में पीजीआईएमएस पहुंचाया गया। सूचना मिलने पर गऊकर्ण चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। बाद में पुलिस ने इस संदर्भ में कुआं मोहल्ला के पांच युवकों- तिलकराज उर्फ खडक़ा, सचिन, रोकी और प्रवीण के खिलाफ मामला दर्ज किया। कृष्ण के भाई बलेराम ने बताया कि तीन महीने पहले उकसा मोबाइल गुम होने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। जांच करने पर पता चला कि मोबाइल इन्हीं युवकों के पास है। आरोपी पक्ष इसी बात को लेकर रंजिश पाले हुए था कि उन्होंने उनके खिलाफ रिपोर्ट क्यों दर्ज करवाई है।
स्टोव की आग में जिंदा जला मासूम
जयपुर की कच्ची बस्ती में 29 मार्च की सुबह हुआ यह दर्दनाक हादसा
जयपुर। स्थानीय निवारू रोड की श्रीबालाजी कच्ची बस्ती स्थित एक झोपड़ी में विगत 29 मार्च की सुबह आग लगने से एक मासूम बच्चा जिंदा जल गया। आग का कारण स्टोव भभकना बताया जा रहा है। हादसे का शिकार नरेश (5) मूलत दौसा निवासी महेश चन्द्र सैनी का पुत्र था। महेश यहां परिवार सहित रहकर रिक्शा ट्रॉली चलाता है। घटना वाली सुबह वह काम पर निकला था और घर में पत्नी गुड्डी, बेटा नरेश (5) व सबसे छोटी पुत्री रजनी (1) थे। गुड्डी के मुताबिक उसने चाय बनाने के लिए स्टोव जलाया था, तब दोनों बच्चे झोंपड़ी के अंदर थे। स्टोव जलाने के बाद वह मंजन करने के लिए बाहर आ गई। इसी दौरान स्टोव भभक उठा, जिससे आग लग गई। आग लगते ही आस-पास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। उनमें से एक ने रजनी को बाहर खींच लिया। अंदर आग से बचने के लिए नरेश चारपाई के नीचे छिप गया, लेकिन चारपाई का निवार पिघलकर उस पर आ गिरा।
लोगों ने पानी का टैंकर मंगवाकर आग बुझाने का प्रयास किया। मौके पर दमकल भी पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी। अंदर झुलसी हालत में नरेश का शव मिला। नरेश तीन बहनों का इकलौता भाई था। महेश के तीन बेटियां आरती (8), लक्ष्मी (6) व रजनी (1) हैं। हादसे के वक्त आरती व लक्ष्मी स्कूल गई हुई थीं और नरेश व रजनी घर पर थे। महेश एक वर्ष पहले ही यहां झोंपड़ी में रहने लगा था।
शुक्रवार, अप्रैल 02, 2010
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें