सैनी समाज के लोगों को किया सम्मानित
महेन्द्र तोंदवाल
कार्यकारी सम्पादक
रोहतक। सैनी एजूकेशन सोसायटी के तत्वावधान में विगत 27 मार्च को सैनी गल्र्ज सीनियर सैकेंडरी स्कूल के प्रांगण में राज्य स्तरीय सैनी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्यातिथि हरियाणा की शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री गीता भुक्कल तथा विशिष्ट अतिथि रोहतक से कांग्रेस विधायक बी. बी. बतरा थे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सैनी सोसायटी के प्रधान विजय सैनी ने की। समारोह में मुख्यातिथि गीता भुक्कल ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैनी समाज के करीब 150 लोगों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले सभी सदस्य सोसायटी की सबसे बड़ी हाई पावर कमेटी के सदस्य थे।
इस अवसर पर उपस्थित सैनी समाज के महानुभावों को सम्बोधित करते हुए गीता भुक्कल ने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम में आकर बहुत खुशी हो रही है क्योंकि शुरूआत से ही उनका लगाव सैनी समाज से रहा है और सैनी समाज के बहुमूल्य योगदान से ही वह पहले कलायत हलके से और अब झज्जर हलके से विधायक चुनी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्पूर्ण सैनी समाज के लिए हर्ष का विषय है कि उन्होंने अपनी सबसे बड़ी एजूकेशन सोसायटी की बागडोर विजय सैनी की युवा टीम को सौंपी है, जो सोसायटी को विकास के पथ पर ले जाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रही है।
भुक्कल ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ सालों के दौरान सैनी एजूकेशन सोसायटी की काफी तारीफ सुनी थी और आज यहां आकर उन्हें इस बात का भलीभांति अहसास हो गया है कि आखिर क्यों अब इस सोसायटी का नाम प्रदेश की विकसित सोसायटियों में शामिल किया जाने लगा है। सैनी बी.एड कालेज की नवनिर्मित बिल्डिंग की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि निसंदेह यह बिल्डिंग प्रदेश की सुंदर बिल्डिंगों में से एक है। उन्होंने सम्पूर्ण सैनी समाज से विजय सैनी की अगुवाई वाली युवा मैनेजमैंट को हरसंभव सहयोग देने का आह्वान भी किया।
विरोधी भी नजर आए कार्यक्रम में
लगता है कि सैनी सोसायटी की वर्तमान मैनेजमैंट से विरोधी विचारधारा रखने वाले सैनी समाज के लोगों को भी अब यह समझ में आने लगा है कि वर्तमान मैनेजमैंट के प्रयासों से सोसायटी सुर्खियों में आकर सम्पूर्ण सैनी समाज का मान-सम्मान बढ़ा रही है। इसलिए तो इस कार्यक्रम में अनेक ऐसे लोग भी वर्तमान मैनेजमैंट की प्रशंसा करते नजर आए, जो कभी न तो इसके कार्यक्रम में आते थे और न ही इसकी आलोचन करने से पीछे हटते थे। यही नहीं, कइयों ने तो सम्मानित होने के लिए मंच पर चढऩे से भी परहेज नहीं किया।
शनिवार, अप्रैल 03, 2010
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