शुक्रवार, अप्रैल 02, 2010

सैनी समाज के समागम में 9 प्रस्ताव पारित

रोपड़ में हुआ भव्य कार्यक्रम

रोपड़। स्थानीय सैनी भवन में विगत 27 मार्च को 28वां वार्षिक सैनी समागम का आयोजन किया गया। जिसमें पंजाब के चीफ आर्कीटैक्ट बलविंदर कौर ने उपस्थित लड़कियों को स्वरोजगार हासिल करने तथा अपने आप को समाज का एक जिम्मेवार नागरिक विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का सिक्का कायम किया है। उनके अपने विभाग में करीब 80 फीसदी महिलाएं काम कर रही हैं। समागम के दौरान 9 प्रस्ताव पारित करके विदेशी दूल्हे जो लड़कियों को सुनहरी सपने दिखा शादी करके शोषण करते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार को सख्ती बरतने, जाली ट्रैवल एजेंटों की लूट से नौजवानों को जागरूक करने, नौजवान वर्ग को नशे की मार से बचाने के लिए प्रयास करने, भू्रण हत्या बारे लोगों को जागरूक करने, सैनी बरादरी सबके भले की नीति पर चलती हुई ऐसा कोई काम नहीं करेगी, जिससे कोई अन्य बिरादरी का नुक्सान हो, फिजूलखर्च या दिखावा न करने, बिरादरी की आर्थिक दिशा में सुधार के लिए नई साधन व तरीके अपनाने, राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक कार्यों के तहत निजी हितों को पहल देने वालों से किनारे करने, बिरादरी की तरक्की के लिए प्रयास करने, जिला हैडक्वार्टरों पर सैनी भवन बनाकर बिरादरी का आपसी तालमेल बढ़ाने सम्बंधी प्रस्ताव पारित किये गये। सैनी भवन की मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष एल. मुंद्रा ने बताया कि वर्ष 1982 से काका राम सैनी की याद में बिरादरी की बेहतरी के लिए बिरादरी के सहयोग से लड़कियों को सिलाई कढ़ाई तथा बच्चों को कंप्यूटर की सिखाने का प्रबंध किया गया है। कार्यक्रम के दौरान पंजाब की चीफ आर्कीटैक्ट बलविंदर कौर व सैनी बरादरी के गणमान्य लोगों ने विद्यार्थियों को सर्टीफिकेट दिए। वहीं बलविंदर कौर को भी सम्मानित किया गया।
समागम का शुभारंभ श्री सुखमणि साहिब के पाठ के भोग डालने के बाद किया गया। इस मौके पर सेवानिवृत सैशन जज पीसी सैनी, कर्नल सुधीर चौधरी, कमल चौधरी, प्रीतम सिंह, संत अवतार सिंह, भगत सिंह, बीबी प्रीतम कौर भ्यौरा, एडवोकेट नरिंदर सिंह सिट्टा, एडवोकेट पाल सिंह, डॉ. सतपाल, डॉ. अजमेर सिंह, सतीश सैनी, मलकीयत सिंह, बहादुरजीत सिंह, गुरमुख सिंह सैनी, जसवंत सिंह, प्रिं. बीएस वतनी, वीना वतनी, निर्मल सिंह निर्मल, राजिंदर सैनी, बिमला सूद आदि समेत सैनी समाज से आए गणमान्य लोग मौजूद थे।

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