सोमवार, अगस्त 31, 2009

लाड़वा हलके में हैं सैनी बिरादरी की सर्वाधिक वोट

सैनी समाज के लिए विस का द्वार खोलेगी लाड़वा सीट?

राजेंदर सैनी/ समाचार संपादक

लाड़वा (कुरुक्षेत्र)। धर्मस्थली कुरुक्षेत्र का लाड़वा हलका सैनी बिरादरी के लिए एक बार फिर हरियाणा विधानसभा के द्वार खोल सकता है। परिसीमन आयोग की नई संरचना के चलते इस बार अस्तित्व मेंं आया लाड़वा प्रदेश का संभवतया ऐसा विधानसभा हलका है जहां आगामी विधानसभा चुनाव में हर प्रत्याशी के भाग्य का फैसला सैनी बिरादरी के हाथों में होगा। करीब सवा लाख मतदाताओं वाली इस विधानसभा में अकेले सैनी बिरादरी के 30 हजार के करीब वोट है, जो यदि एकजुट हो गए तो किसी भी सैनी प्रत्याशी को विधानसभा का प्रतिनिधित्व देने में निसंदेह कारगर साबित हो सकते हैं मगर पूर्व की भांति यह हलका भी अब धीरे-धीरे कर सैनी नेताओं की रणभूमि का गवाह बनता नजर आ रहा है। विधानसभा चुनावों की आहट के बाद जिस तरह से सैनी बिरादरी के नेताओं की सरगर्मी इस हलके में एकाएक बढ़ी है, वो आगे चलकर निश्चित तौर पर सैनी समाज के भविष्य पर सवालिया निशान लगा सकती है। जहां तक सैनी बिरादरी के नेताओं की टिकट की दावेदारी की बात है तो अभी तक पांच नेताओं का नाम उभरकर सामने आ है, जिनमें से तीन कांगे्रस (साहिब सिंह सैनी, कैलाशो सैनी व हरिकेश सैनी) तथा एक बसपा (शशि सैनी) व एक भाजपा (रमेश सैनी) से हैं। सबसे पहले बात करते हैं साहिब सिंह सैनी की। साहिब सिंह थानेसर से विधायक रहे हैं और फिलहाल कुरुक्षेत्र जिला कांग्रेस के वर्किंग प्रेजीडेंट के साथ-साथ हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के संगठन सचिव की जिम्मेवारी भी निभा रहे हंै। परिसीमन आयोग ने जब से लाड़वा हलके का सृजन किया है तभी से वे इस हलके में सक्रिय है और निरंतर संभाएं कर खासतौर पर सैनी बिरादरी को लामबंद करने में जुटे हैं। साहिब सिंह के करीबियों का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा का इशारा मिलने के बाद से ही उन्होंने अपना चुनाव प्रचार करने में जुटे हुए हैं। वैसे भी पिछले दिनों उनके एक समर्थक के घर पधारे हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने भी हाईकमान से उनकी टिकट के लिए वकालत करने के स्पष्ट संकेत दिए थे। इतना ही नहीं पुराने कांग्रेसी होने का फायदा भी उन्हें मिल सकता है। यही वजह है कि साहिब सिंह अपनी टिकट को लेकर आश्वस्त एवं सशक्त नजर आ रहे हैं और पूरी तैयारी के साथ हलके का दौरा करने में व्यस्त हैं। यहां से कांग्रेस टिकट के लिए एक दूसरी मजबूत दावेदार है पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, जो विगत लोकसभा चुनाव में ही इनेलो छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई है। सैनी बिरादरी में खासा प्रभाव रखने वाली कैलाशो ने हालांकि अभी तक खुलकर लाड़वा से अपनी दावेदारी पेश नहीं की है। मगर फिर भी लाड़वा क्षेत्र के लोगों से लगातार सम्पर्क में रहने की वजह से यहां से उनकी दावेदारी की चर्चाएं अब आम हो गई है। कैलाशों के करीबियों का कहना है कि वह कांग्रेस की टिकट चाहती है मगर उन्होंने अभी अपना हलका तय नहीं किया है। लिहाजा लाड़वा के साथ-साथ रादौर हलके में भी वह अपनी संभावनाएं तलाश रही हैं। साथ ही उनका यह भी कहना है चूंकि कांग्रेस में शामिल होते वक्त मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उन्हें टिकट देने का भरोसा दिलाया था लिहाजा किसी न किसी विधानसभा हलके से उन्हें टिकट मिलना तय है। इसी वजह से उन्होंने अपना चुनाव प्रचार दो-तीन हलको में शुरू कर दिया है।तीसरे दावेदार है बाबैन मार्किट कमेटी के चेयरमैन हरिकेश सैनी। हरिकेश की गिनती सांसद नवीन जिंदल के करीबियों में होती है। इसलिए वे नवीन जिंदल के माध्यम से कांग्रेस हाईकमान पर प्रैशर बनाने में जुटे हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे अपने मिशन में कामयाब जरूर हो जाएंगे। हरिकेश भी लाड़वा हलके में अपने बिरादरी भाइयों से सम्पर्क साधने में जुटे हैं।चौथी दावेदार शशि सैनी है। शशि सैनी ने वर्ष २००० में कांग्रेस टिकट पर थानेसर से विधानसभा चुनाव लड़ा था मगर पिछले लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हो गई थी। बसपा पार्टी से टिकट की यह सबसे मजबूत दावेदार है और सैनी बिरादरी में भी उनका प्रभाव माना जाता हैं। लिहाजा कांग्रेस से किसी सैनी प्रत्याशी को टिकट मिलने के बाद यदि बसपा से शशि सैनी भी मैदान में आती है तो मुकाबला रोचक हो जाएगा। यदि सैनी बिरादरी के नेताओं को छोड़ दिया जाए तो थानेसर के विधायक रमेश गुप्ता भी अपना हलका छोड़ यहां से कांग्रेस टिकट लेने की फिराक में नजर आ रहे हैं। भाजपा के प्रदेश संगठन सचिव रमेश सैनी की गिनती भी भाजपा टिकट पाने वाले दावेदारों में प्रमुखता से की जा रही है। हालांकि पवन सैनी ने अभी तक विधानसभा का कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है मगर पार्टी में प्रभाव के चलते उनको भी टिकट मिलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। वैसे सैनी बहुल क्षेत्र होने से उनकी दावेदारी भी मजबूत बनती है।यदि लाड़वा विधानसभा क्षेत्र के मतों के समीकरण पर नजर डाली जाए तो सैनी बिरादरी के अलावा यहां जाटों के करीब २४ हजार, हरिजन की १०७३४, झीमर जाति की ९५००, ब्रह्माणों की ७५००, पंजाबी ५ हजार, रोड ३१००, वैश्य तीन हजार तथा अन्य जातियों की करीब ६७०८ वोट हैं।

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