शुक्रवार, मार्च 11, 2011

जान दे देंगे मगर जमीन नहीं देंगे


गोहाना।बेशक हमें अपनी जान से हाथ धोना पड़े, पर हम अपनी उपजाऊ जमीन को हाथ से नहीं जाने देंगे। यह जबरदस्त सामूहिक हुंकार गत माह गोहाना शहर एवं इसके साथ लगते 3 गांवों में रहने वाले लोगों ने भरी। जिनमें सर्वाधिक संख्या सैनी बिरादरी के लोगों की थी। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) द्वारा गोहाना में प्रस्तावित तीनों सैक्टरों के औचित्य पर ही प्रश्नचिह्नï लगाते हुए कहा कि सरकार गरीब किसानों को तबाह करने में जुटी हुई है। यहां बता दें दो आवासीय सैक्टरों-सैक्टर 13 और 16 तथा ट्रांसपोर्ट नगर के रूप में सैक्टर 17 ए के लिए भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया इस समय चल रही है। सोनीपत भाजपा के किसान प्रकोष्ठï के जिला अध्यक्ष नत्था सिंह सैनी ने कहा कि हुड्डïा सरकार तीनों सैक्टरों को बनाने के लिए जिस जमीन पर नजरें गड़ाए हुए है, वह सारी जमीन नहरी पानी की और अत्यन्त उपजाऊ जमीन है, जिसके मालिक किसानों के पास रोजगार का दूसरा जरिया भी नहीं है और इससे जमीनें जाने के बाद बेचारे किसान बेरोजगार हो जाएंगे। गोहाना नगरपालिका के पार्षद महेश ने आश्चर्य व्यक्त किया कि हुडा ने गोहाना में जिस वर्तमान एकमात्र सैक्टर 7 को तीन दशक पहले बनाना शुरू किया था, वह अब तक भी अधूरा है तथा उसका बड़ा हिस्सा यथावत खाली पड़ा है।
उन्होंने जानना चाहा कि एक सैक्टर के पूरे हुए बिना 3-3 नए सैक्टर बनाने का क्या तुक है। गढ़ी उजाले खां गांव के सरपंच राकेश सैनी ने कहा कि जहां इंडस्ट्रियल एस्टेट बनता है, ट्रांसपोर्ट नगर को उसी के समीप बनाया जाता है जिससे बीधल गांव में बनने वाले इंडस्ट्रियल एस्टेट के साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर बसाया जाना चाहिए तथा उसे एस्टेट से 15 किलोमीटर दूर गोहाना में नहीं सृजित किया जाना चाहिए। सोनीपत जिला परिषद के जिला पार्षद परमवीर सैनी ने कहा कि यदि सरकार को हूडा का नया सैक्टर बनाना ही है, वह उस सैक्टर को गोहाना शहर के स्थान पर खानपुर कलां गांव में बनाए जहां महिला विश्वविद्यालय है और वहीं पर देश के पहले गल्र्ज मेडिकल कालेज का भी निर्माण हो रहा है।

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