शुक्रवार, मार्च 11, 2011

नेहा सैनी के लिए दु:स्वप्न बनी गौ-कार्टिंग

एडवेंचर पार्कों के खतरनाक पहलुओं को उजागर किया दिल दहलाने वाली घटना ने


नयी दिल्ली। नवविवाहिता नेहा सैनी जब पहली फरवरी को अमृतसर से राजधानी के जाने-माने एडवेचर पार्क में 'गो-कार्टÓ (चार पहिए वाला स्कूटर) की सैर करने पहुंची तो उसे अंदाजा भी नहीं था कि भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है। उसका सुंदर स्वप्न दुस्वप्न में तबदील होने वाला था। वह दिन एक आम छुट्टी वाले दिन की तरह था। रोहिणी के तथाकथित विश्वस्तरीय एडवेंचर पार्क में गो-कार्ट के ऊपर बैठने के कुछ मिनट बाद ही हादसा हो गया। उसके बैठने के बाद अचानक उसके लंबे बाल मोटर के खुले इंजन में फंस गये। उसने जो हेलमेट पहन रखी थी वह झटकों से गिर गयी। बाल इंजन में इतनी बुरी तरह फंसे कि सिर की चमड़ी भी निकल गयी और रक्त लगातार बहने लगा। 'गो-कार्टÓ एटेंडेंट की हिदायत के बाद ही वह इंजन के करीब बैठी थी। नेहा के सिर की चमड़ी कुछ सैकेंड में ही निकल गयी। भारी रक्त स्राव के पश्चात उसे 6 यूनिट रक्त चढ़ाना पड़ा। उसे रोहिणी के सरोज अस्पताल में ले जाया गया जहां चार घंटे की प्लास्टिक सर्जरी के बाद उसकी हालत में कुछ सुधार लाने का प्रयास किया गया।
अस्पताल के चिकित्सक डा. पीके गंभीर ने बताया कि वह गंभीर रूप से घायल थी और इस हादसे में उसकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने बताया कि शरीर के अन्य हिस्से से चमड़ी निकालकर सिर पर प्रत्यारोपित की गयी है। निकट भविष्य में उसका एक और आपरेशन किया जायेगा। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने पार्क प्रबंधन पर लापरवाही के कारण किसी की सुरक्षा को खतरे में डालने के मद्देन•ार आईपीसी धारा 287 तथा आईपीसी धारा 337 के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि नेहा, जो अमृतसर में ट्रिब्यून स्टाफर है,ने एफआईआर में किसी आरोपी का नाम नहीं लिया है, मगर जांच करने पर पता लगा कि रोहिणी के सेक्टर-10 में 62 एकड़ भूमि पर स्थित यह एडवेंचर आईलैंड मेट्रो वॉक माल में है जिसके मालिक यूनिटेक तथा इंटरनेशनल एम्यूजमेंट जैसे बड़ी कंपनियां हैं। पार्क के डीजीएम (आपरेशन), यूनिटेक, मोहित साहनी ने घटना पर खेद प्रकट किया मगर इससे केवल एक हादसा ही बताया। उन्होंने कहा कि एफआईआर यूनिटेक पर नहीं बल्कि ठेकेदार पर है जो 'गो-कार्टÓ का मामला देखता है। उन्होंने कहा कि हमने गो-कार्टिंग क्षेत्र ठेकेदार को किराये पर दिया था। उन्होंने बताया कि गो-कार्टिंग में सवार को खुद अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। नेहा ने बाल ढीले बांधे हुए थे और सवारी के दौरान वह खुल गये। उन्होंने कहा कि सवारी से पूर्व ही सवार को सुरक्षा संबंधी एक बांड पर हस्ताक्षर करवाया जाता है। नेहा तथा उसके संबंधियों ने उन कागजों पर हस्ताक्षर भी किये थे। अपने बचाव में कोई कुछ कहे मगर इस मामले ने एडवेंचर पार्कों के खतरनाक पहलु को उजागर कर दिया है। पार्क के मालिक कहते हैं कि यह पांच माह पुराने गो-कार्ट उन लोगों ने सप्लाई किये हैं जो डिजनी वल्र्ड जैसे पार्कों के लिए कार्य करते हैं। परंतु नेहा के मामले में सब बेकार साबित हुआ जहां एटेंडेंट भी समय पर कार्रवाई नहीं कर पाया। नेहा के रिश्तेदार कपिल ने बताया कि हमें खुद एम्बुलेंस बुलानी पड़ी जिससे महत्वपूर्ण मिनट व्यर्थ चले गये। एडवेंचर आईलैंड के पास 26 स्कूलों के लिए केवल एक एम्बुलेंस है।
 साभार दी ट्रिब्यून



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